कश्मीर में अलगाववाद को बल मिलता है पैन-इस्लामिज़म से, जो खिलाफत आंदोलन के या उससे भी पूर्व के उस विचार से प्रभावित है, जिसमें दुनिया के सभी मुस्लिमों को राष्ट्रीय सीमाओं से परे एक झंडे के नीचे खड़े होने को अपना आदर्श मानता है।
सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने शनिवार को पुंछ और राजौरी जिलों के निवासियों के लिए 400 अतिरिक्त बंकर बनाने की अनुमति दे दी है।
जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) के नाम से 1942 में शोपियाँ में मौलवी गुलाम अहमद अहर ने स्थापित किया था जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है। जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) आरंभ से ही अलगाववादी संगठन रहा है जिस पर पहले भी (1990) में प्रतिबंध लग चुका है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षाकर्मियों के राशन की देखभाल करने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। साथ ही, कश्मीर में तैनात सभी सुरक्षा बलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पहचान की गई 14 अवैध संपत्तियों में बंगले, महलनुमा घर शामिल हैं, इन सभी सम्पत्तियों को संलग्न किया जाएगा। इसके अलावा विवादास्पद 'पीस प्रीचर' ज़ाकिर नाइक की मुंबई और पुणे में ₹50.73 करोड़ की अवैध सम्पत्ति की पहचान की है।
अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर जितना विवाद है उससे अधिक इसकी गलत व्याख्या की जाती रही है। इस अनुच्छेद की व्याख्या में अनर्गल तर्क देने वाले बुद्धिजीवी यहाँ तक कहते रहे हैं कि 370 ‘कश्मीर को असाधारण स्वायत्ता’ प्रदान करता है।
कौन जानता है कि IMA जैसे संस्थानों पर भी ये शांतिदूत नजरें रखे हुए हों और आर्मी की गतिविधियों की सूचना कहीं भेजते हों? देहरादून में ही DRDO और आयुध निर्माण फ़ैक्ट्री भी हैं, जिन्हें बेहद संवेदनशील माना जाता है।
UNSC ने चीन के विरोध के बावजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लेते हुए पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद ने कहा कि इस निंदनीय हमले के जो भी दोषी हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
CJI रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्विस की याचिका पर संज्ञान लिया और कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा से संबंधित मामले में तत्काल सुनवाई की माँग की।