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शोपियाँ में महिला SPO खुशबू जान को आतंकियों ने मारी गोली, मौत

इससे पहले बीते गुरुवार को पुलवामा में आतंकियों ने 40 वर्षीय एक व्यक्ति को जबरन उसके घर से निकालकर गोली मार दी थी। वहीं, बुधवार को पुलवामा में ही आतंकियों ने सेना के एक पूर्व जवान की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी।

कश्मीर में ‘रिलिजियस आइडेंटिटी’ पर नहीं, तुम्हारी राजनैतिक थेथरई पर खतरा है

कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर देश ने कभी किसी रिलिजियस आइडेंटिटी को ऊपर नहीं माना है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंदिरा गाँधी ने स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन करने की भी इजाज़त दे डाली थी।

गिलगित बल्तिस्तान: LoC के उस पार का भारत, जहाँ आज भी लोग भारतीय सेनाओं का इंतज़ार करते हैं

कुछ साल पहले तक दूरदर्शन समाचार गिलगित बल्तिस्तान क्षेत्र के मौसम की जानकारी भी देता था लेकिन अब वह जानकारी भी नहीं मिलती। जबकि यह स्थापित सत्य है कि नियंत्रण रेखा के उस पार के लोग बड़ी उम्मीदों से भारत की ओर देख रहे हैं।

LoC के पास 2 किलो ड्रग्स और नकली नोटों के साथ मोहम्मद ज़फर ख़ान गिरफ़्तार

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार शाम पुंछ के बालाकोट इलाके में नियंत्रण रेखा के बाड़ गेट को पार करने का प्रयास करते हुए गाँव डब्बी निवासी मोहम्मद ज़फर ख़ान को पकड़ा गया था।

बड़गाम में सेना के जवान के अपहरण की खबर बेबुनियाद: रक्षा मंत्रालय

बताया जा रहा था कि जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैंट्री यूनिट के जवान मोहम्मद यासीन को उनके घर से अगवा कर लिया गया जो कि काज़ीपोरा चाडोरा के रहने वाले हैं और 26 फरवरी से 31 मार्च तक की छुट्टियाँ बिताने के लिए घर आए हुए थे।

फिर हो सकता है पुलवामा जैसा हमला, दो आतंकी समूह कर रहे घुसपैठ की कोशिश: रिपोर्ट

खुफिया एजेंसियों द्वारा जुटाए गए इनपुट के मुताबिक, दो भारी हथियारों से लैस पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूह एलओसी के पास राजौरी जिले से भारत में घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे थे।

कुछ ही घंटों में पकड़ा गया जम्मू में ग्रेनेड से हमला करने वाला आतंकी यासिर अरहान

पुलिस को शक है कि यह धमाका जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने करवाया है। रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने सुबह ही आश्वासन दिया था कि मामले की त्वरित जाँच के आदेश दे दिए गए हैं

आतंकी यासीन मलिक ने रुबैया का अपहरण किया, 4 IAF अफसरों की हत्या की और बच निकला, लेकिन 30 साल बाद CBI ने कसा...

दिसंबर 8, 1989 को रुबैया सईद के अपहरण के बाद पंद्रह दिनों तक ड्रामा चला था जिसके बाद वी पी सिंह सरकार द्वारा अब्दुल हमीद शेख़, शेर खान, नूर मोहम्मद कलवल, अल्ताफ अहमद और जावेद अहमद जरगर नामक आतंकियों को जेल से छोड़ा गया था।

आतंकी अफजल के बेटे को भारतीय होने में शर्म, ‘आधार कार्ड सिर्फ फायदे के लिए करता हूँ यूज’

गालिब ने कहा कि वह भारतीय होने में गर्व कैसे कर सकता है? भारत की सरकार ने न केवल उसके पिता की हत्या की बल्कि कश्मीर के साथ भी अन्याय भी किया। गालिब ने स्पष्ट किया कि उसने पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए प्रोपेगेंडा के तहत टाइम्स ऑफ इंडिया को बाइट दिया।

महबूबा मुफ्ती को क्यों हो रही ‘जय हिंद’ से दिक्कत

एयर इंडिया के जय हिंद वाले निर्देश के बाद महबूबा ने ट्वीट के जरिए इसकी आलोचना की है। महबूबा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “आश्चर्य है कि ऐसे वक्त में जब आम चुनाव होने वाले हैं, देशभक्ति के जोश ने आसमान तक को नहीं छोड़ा है।

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