रोशनी एक्ट के नाम पर जम्मू-कश्मीर में जमीन हड़पने वालों के नाम सामने आने लगे हैं। अब तक जिनके नाम सामने आए हैं, उनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथी हैं।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बने गुपकार गुट की एकता में दरार पैदा हो गई है। डीडीसी चुनावों में उतरने जा रही कॉन्ग्रेस ने कई सीटों पर पीडीपी कैंडिडेट के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
इसमें कोई चौकाने वाली बात नहीं है कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के खिलाफ बेहद मुखर रही कॉन्ग्रेस पार्टी भी इस विवादास्पद गठबंधन में शामिल हो गई है।