तमिलनाडु में टीकों की बर्बादी 15.5 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 10.8 फीसदी और मध्य प्रदेश में 10.7 फीसदी की बर्बादी दर्ज की गई। इन राज्यों ने राष्ट्रीय औसत 6.3% से टीके की बर्बादी दर्ज की है।
यूनिवर्सिटी में कहा गया है कि कोई भी सरकारी निकाय केवल तीन साल कार्यरत रह सकता है, उसके बाद उसका फिर से चयन होगा। हालाँकि, इस केस में इस पूरे मामले की अनदेखी की गई है।
झारखंड देशभर में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित राज्यों में से एक है। लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर वहाँ धूल फाँक रहे हैं।