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‘द लायर’ ने पैदा किए ‘मुस्लिम पीड़ित’, बिना सबूत कहा ‘जय श्री राम’ कहने वालों ने किया मोलेस्ट

खबर के अंत में लिखे गए एक पैराग्राफ को पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से 'जय श्री राम' के प्रयोग से हिंदुओं को न सिर्फ दंगाई बताया गया बल्कि अपनी चापलूसी की सारी हदों को पार कर खबर में अश्लीलता भी परोसी गई कि हिंदुओं ने ही मुस्लिम महिलाओं के सामने अपने पैंट उतारे और उनको अपना लिंग दिखाया।

कोरोना से बचने के लिए अत्यधिक गोमूत्र पीकर बीमार हुए बाबा रामदेव? कट्टरपंथियों के दावे का फैक्ट-चेक

आध्यात्मिक नेता अक्सर फेक न्यूज के निशाने पर रहे हैं। इससे पहले, हाल ही में एक एक्टिविस्ट डॉक्टर ने किसी शख्स की गोपनीय मेडिकल रिपोर्ट को पोस्ट करते झूठा दावा किया था कि बाबा रामदेव का सहयोगी गाँजा पीता है।

‘भारत, भ्रष्ट, मरा हुआ…’ – गालीबाज ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी ने जहरीली राणा अयूब को कहा- नीच, स्वघोषित पत्रकार

नैतिक रूप से भ्रष्ट होने के कारण भारत में हर कोई अंदर से इतना ‘मरा’ है, कि एक वायरस इन्हें (भारतीयों को) क्या मार सकता है? - यह ट्वीट किया राणा अयूब ने। इसके बाद कल तक उसके खेमे में खड़े होने वाले भी उसे गरियाने लगे।

BJP और RSS ने ही दिल्ली में मुस्लिमों को मारा: ताहिर को बचाने के लिए पगलाए ‘स्क्रॉल’ ने याद किया बाबरी और गुजरात

इस लेख में सुप्रीम कोर्ट तक को नहीं बख़्शा गया है। संविधान की रट लगाने वाले राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और संसद द्वारा बनाए गए क़ानूनों की अवहेलना करने से भी बाज नहीं आते। सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की और राम मंदिर के निर्माण का मार्ग क्यों प्रशस्त किया, इस पर आपत्ति जताई गई है। यानी कोर्ट भी अब वामपंथियों से पूछ कर फ़ैसले ले।

जिसका भाई था Pak की बड़ी हस्ती, उसे न सिर्फ CJI बनाया बल्कि उपराष्ट्रपति भी: इंदिरा गाँधी के शासन की कहानी

काफ़ी विचार विमर्श किया गया। संविधान विशेषज्ञों की राय ली गई। संविधान का विशेष सत्र बुलाया गया। फिर संविधान के अधिनियम 16 में प्रावधान बनाया गया। इतना सब कुछ क्यों? क्योंकि इंदिरा के चहेते हिदायतुल्लाह (तब के CJI) को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया जाए।

वकील➨राज्यसभा➨HC जज➨रिटायर➨SC जज➨राज्यसभा: बहरुल इस्लाम और कॉन्ग्रेसी काल की कहानी

हाई कोर्ट के मुख्‍य न्यायाधीश से रिटायर होने के बाद बहरुल इस्लाम फिर से सक्रिय राजनीति में चले आए। लेकिन इंदिरा गाँधी की सोच कुछ और थी। 9 महीने के रिटायरमेंट के बाद वह सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए। एक रिटायर जज का इस तरह फिर से जज बनाने का फैसला काफी अजीब और अद्वितीय था लेकिन...

राज्यपाल के पत्र के बाद हड़बड़ाए कमलनाथ फिर पहुँचे राजभवन, BJP विधायकों से भी की मुलाकात

राज्यपाल से दोबारा चिट्ठी मिलने के बाद, कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे राजभवन पहुँचे। राज्यपाल के मुख्यमंत्री को फ्लोर टेस्ट के लिए दोबारा पत्र लिखने के बाद कमलनाथ की यह पहली मुलाकात होगी। इस मुलाकात में कमलनाथ के राज्यपाल से और समय माँगे जाने की बात कही जा रही है।

मायावती की BSP के सामने ‘रावण’ ने खड़ी की नई पार्टी: दलित-मुस्लिम वोट पर है नज़र, कई बसपा नेताओं ने थामा दामन

'रावण' के झंडे का रंग भी नीला ही है जैसा कि बसपा का। चंद्रशेखर उसी दलित जाति 'जाटव' से संबंधित हैं जिससे मायावती, और उन्हीं की तरह वेस्ट यूपी ही जिसकी जन्मभूमि और कर्मभूमि रही है। चंद्रशेखर की जातीय पृष्ठभूमि और कार्य क्षेत्र को देखते हुए ही मायावती और उनकी बसपा ने भीम आर्मी चीफ को शुरू से एक प्रतिद्वंदी के तौर पर देखा।

एक रहस्यमयी चर्च, एक ‘अमर’ पादरी और कोरोना के 7500 मामले: वैश्विक महामारी से यूँ तबाह हुआ दक्षिण कोरिया

वो 'अमर' है। वो'जीसस का दूत' है। 88 वर्षीय ली मैन ही के उस रहस्यमयी चर्च के कारण दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के क़रीब 5000 मामले आए हैं। मिस्टर ली का कहना है कि शिनचेओंजी की तेज़ तरक्की से दुष्ट शक्तियाँ नाराज़ हैं। इस चर्च का एक ब्रांच वुहान में भी हैं।

मानवता के हत्यारे वामपंथियों की जगह भारतीयता के अग्रदूत सावरकर के नाम JNU में मार्ग के मायने

आज JNU में एक मार्ग का नाम सावरकर जी के नाम पर रखा जाना निसंदेह एक दूरदर्शितापूर्ण कदम है। यह कदम उस स्थान पर अत्यावश्यक हो जाता है, जहाँ बैठकर स्वतन्त्रता उपरांत एक खास इतिहासकारों के वर्ग ने भारतीय मूल्यों को धूलि-धूसरित करने का कार्य करते हुए इतिहास की मनगंढ़त व्याख्या हमारे समक्ष रखी।

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