Tuesday, May 18, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे मायावती की BSP के सामने 'रावण' ने खड़ी की नई पार्टी: दलित-मुस्लिम वोट पर...

मायावती की BSP के सामने ‘रावण’ ने खड़ी की नई पार्टी: दलित-मुस्लिम वोट पर है नज़र, कई बसपा नेताओं ने थामा दामन

फिलहाल CAA. एनपीआर, आदि पर बसपा के ठंडे रवैये को देखते हुए भी मुस्लिम उससे नाराज है। ऐसे में अगर वेस्ट यूपी के मुस्लिमों का झुकाव अखिलेश यादव की सपा के साथ साथ दलितों को नए विकल्प देने की कोशिश में लगे चंद्रशेखर 'रावण' की तरफ बढ़ जाए तो मायावती के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई ताकत वापस पाना मुश्किल हो जाएगा।

पिछले कुछ समय से जिस बात की आशंका बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती को रही होगी, वह कल 15 मार्च को नॉएडा में वास्तविकता में बदल गई। रविवार को बसपा संस्थापक कांशीराम के जन्मदिवस पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने अपनी नई पार्टी का गठन करने का ऐलान किया। ‘आजाद समाज पार्टी’ नाम के इस दल ने जिस चंद्रशेखर आजाद को सर्वसम्मति से अपना अध्यक्ष चुना है, वह पिछले कुछ समय से लगातार सुर्ख़ियों में रहा है।

सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद पहली बार सामने आया यह शख्स पिछले कुछ समय में यूपी राजनीति का ‘हॉटकेक’ बन गया है। इसकी वजह समझने के लिए आपको ‘रॉकेट साइंस’ का स्टूडेंट होने की जरूरत बिलकुल नहीं है। वजह बेहद आसान और सीधी है- वेस्ट यूपी में मौजूद दलित वोट बैंक। और इस दलित वोट में अगर पश्चिमी यूपी का मुस्लिम वोट जोड़ दिया जाए तो यह गठजोड़ मारक प्रभाव पैदा करने वाला हो जाता है। नए नागरिकता कानून और नागरिकता रजिस्टर पर रावण के आक्रामक रुख को इसी पृष्ठभूमि में समझा जा सकता है।

चंद्रशेखर रावण ने अपनी जिस नई पार्टी ‘आजाद समाज पार्टी’ के बैनर तले 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उतरने का ऐलान किया है उसके झंडे का रंग भी नीला ही है जैसा कि बसपा का। चंद्रशेखर उसी दलित जाति ‘जाटव’ से संबंधित हैं जिससे मायावती, और उन्हीं की तरह वेस्ट यूपी ही जिसकी जन्मभूमि और कर्मभूमि रही है। चंद्रशेखर की जातीय पृष्ठभूमि और कार्य क्षेत्र को देखते हुए ही मायावती और उनकी बसपा ने भीम आर्मी चीफ को शुरू से एक प्रतिद्वंदी के तौर पर देखा। जिससे पैदा खटास इन दोनों के बीच कभी छुपी नहीं रही। जहाँ शुरू से ही मायावती और उनकी पार्टी का लक्ष्य भीम आर्मी प्रमुख को भाजपा का एजेंट करार देना बना रहा, वहीं रावण ने भी मायावती पर दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है।

मायावती और उनकी पार्टी की इन कोशिशों के बाद भी चंद्रशेखर ने अपनी पैठ दलितों के मध्य लगातार मजबूत ही की, खासकर युवाओं के बीच, जिसका साक्ष्य कल आजाद समाज पार्टी के गठन के दौरान उसमें शामिल हुए नेताओं के कद से लगाया जा सकता है। चंद्रशेखर के साथ खड़े दिख रहे इन नेताओं में कई पूर्व सांसद और दर्जनों पूर्व विधायक शामिल हैं जो किसी समय बहुजन समाज पार्टी में थे।

वेस्ट यूपी में दलित मुस्लिम वोटों की महत्ता चौधरी चरण सिंह के बनाए ‘अजगर’ फार्मूला से समझी जा सकती है जिसमें अल्पसंख्यक, जाट, गुर्जर और राजपूत को साथ ला सत्ता की चाभी बनाने की कोशिश तब से लेकर अब तक उनके बेटे अजीत सिंह ने लगातार की। इसी समीकरण में से दलितों और मुस्लिमों को साध मायावती ने 2004 के आमचुनाव में वेस्ट यूपी बेल्ट से अपने कई मुस्लिम प्रत्याशी लोकसभा के भीतर पहुँचाने में सफलता प्राप्त की थी। 2007 विधानसभा चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार दशकों बाद बनी थी। यह कारनामा कर दिखाने वालीं मायावती की इस सफलता के पीछे भी पश्चिमी यूपी में बसपा के दलित मुस्लिम गठजोड़ की प्रमुख भूमिका थी।

लेकिन 2012 में मुस्लिम छिटक कर समाजवादी पार्टी के पाले में चले गए। नतीजतन बसपा सरकार से बाहर हुई और अखिलेश यादव सरकार बनाने में सफल रहे। उसके बाद से मायावती की सियासी जमीन वेस्ट यूपी में लगातार कमजोर साबित हो रही है।

2014 के लोकसभा चुनाव में जहाँ बसपा को उत्तर प्रदेश की 80 में से एक सीट भी मुनासिब नहीं हुई थी तो वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में भी वेस्ट यूपी में बसपा का हाथी पस्त ही रहा। हालाँकि पिछले साल हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन कर मायावती की बसपा ने यूपी की 80 में से 10 सीट जीतने में कामयाबी हासिल की थी, जिसमें पश्चिमी यूपी की कई सीट्स शामिल थीं पर उससे मायावती की राजनीतिक जमीन के बारे में कुछ ठोस अंदाजा लगाना मुश्किल है क्योंकि जब दुबारा सपा और बसपा आमने-सामंने होंगी उस सूरत में भी क्या मुस्लिम बसपा की तरफ झुकाव दिखाएँगे ये कहना आसान नहीं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार के फिलहाल नए नागरिकता कानून, पापुलेशन रजिस्टर, आदि पर बसपा के ठंडे रवैये को देखते हुए भी मुस्लिम उससे नाराज है। ऐसे में अगर वेस्ट यूपी के मुस्लिमों का झुकाव अखिलेश यादव की सपा के साथ साथ दलितों के लिए नए विकल्प देने की कोशिश में लगे चंद्रशेखर ‘रावण’ की तरफ बढ़ जाए तो मायावती के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई ताकत वापस पाना मुश्किल हो जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्यों पड़ा Cyclone का नाम Tauktae, क्यों तबाही मचाने आते हैं, जमीन पर क्यों नहीं बनते? जानिए चक्रवातों से जुड़ा सबकुछ

वर्तमान में अरब सागर से उठने वाले चक्रवाती तूफान Tauktae का नाम म्याँमार द्वारा दिया गया है। Tauktae, गेको छिपकली का बर्मीज नाम है। यह छिपकली बहुत तेज आवाज करती है।

क्या CM योगी आदित्यनाथ को ग्रामीणों ने गाँव में घुसने से रोका? कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथी पत्रकारों के फर्जी दावे का फैक्ट चेक

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “आपने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया है वह निराधार और भ्रामक है। यह फेक न्यूज फैलाने के दायरे में आता है।"

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

नारदा केस में विशेष CBI कोर्ट ने ममता बनर्जी के चारों मंत्रियों को दी जमानत, TMC कार्यकर्ताओं ने किया केंद्रीय बलों पर पथराव

नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार (17 मई 2021) की शाम को ममता बनर्जी के चारों नेताओं को जमानत दे दी।

IDF हवाई हमले में जिहादी कमांडर अबू हरबीद का सफाया, अमेरिका ने इजरायल को दी $735 मिलियन के हथियार

इजरायली रक्षा बलों ने सोमवार को इस्लामिक जिहाद के एक आतंकी कमांडर का सफाया कर दिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि हुसाम अबू हरबीद उत्तरी गाजा में अपने घर में इजरायली हवाई हमले में मारा गया।

बंगाल की उबड़-खाबड़ डगर: नारदा में TMC पर कसा फंदा तो CBI से ममता ने दिखाई पुरानी रार

बंगाल की राजनीति कौन सी करवट लेगी, यह समय तय करेगा। फिलहाल ममता बनर्जी और उनकी सरकार के लिए रास्ते सीधे नहीं दिखते।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

ईसाई धर्मांतरण की पोल खोलने वाले MP राजू का आर्मी हॉस्पिटल में होगा मेडिकल टेस्ट, AP सीआईडी ने किया था टॉर्चर: SC का आदेश

याचिकाकर्ता (राजू) की मेडिकल जाँच सिकंदराबाद स्थित सैन्य अस्पताल के प्रमुख द्वारा गठित तीन सदस्यीय डॉक्टरों का बोर्ड करेगा।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,376FansLike
95,641FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe