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1 दिन में 2 बार लात-जूता: कपिल मिश्रा पर झूठ के बाद अब संजय गुप्ता पर NDTV की छीछालेदर

राह चलते किसी को पकड़ लो। उससे कुछ बुलवा दो। फिर उसे TV पर दिखाओ... और किसी को बदनाम कर दो। जब हंगामा हो तो सोशल मीडिया पर चुपके से एक ट्वीट डाल दो। - यह NDTV का फॉर्मूला है। दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में कपिल मिश्रा को बदनाम करने के लिए भी यही तरीका अपनाया NDTV ने, लेकिन दाँव उल्टा पड़ गया - बहुत गाली पड़ रही है।

NDTV का नया प्रपंच: राह चलते शख्स को बताया कपिल मिश्रा का मकान मालिक, रिपोर्टिंग से फँसाने की साजिश!

NDTV का रिपोर्टर, कैमरा और माइक - सामने खड़ा संजय गुप्ता नाम का एक आदमी। इस आदमी के अनुसार कपिल मिश्रा के 'भड़काऊ' भाषण के बाद हिंसा भड़की। लेकिन असली खबर इसके बाद है। NDTV इस आदमी को कपिल मिश्रा का मकान मालिक बताता है, जबकि सच्चाई यह है कि संजय नाम को कोई भी शख्स कपिल मिश्रा का कभी भी मकान मालिक नहीं रहा।

…जिन दिलबर नेगी का हाथ-पैर काटकर आग में फेंका था, उनकी हत्या के आरोप में शाहनवाज गिरफ्तार

दंगाइयों ने दिलबर सिंह नेगी के हाथ और पैर काटने के बाद उनके शरीर के बाकी हिस्से को जलती आग में फेंक दिया था। दिलबर सिंह नेगी उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित थलीसैण ब्लॉक से सम्बन्ध रखते थे।

शाहरुख के घर से पिस्टल और 3 कारतूस बरामद: बिहार के मुंगेर से है कनेक्शन, क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता

छानबीन के दौरान पुलिस ने शाहरुख का एक दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया है। इससे पहले पुलिस ने उसकी कार और एक फोन भी बरामद किया था। दिल्ली पुलिस ने बरामद की गई सभी चीजों की जाँच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिया है।

न्यूज़लॉन्ड्री के पतझड़! वैचारिक बवासीर के लिए मंदिर के पुजारी नहीं, हकीम लुकमान के पास जाओ

आसमानी गुलेलों और पेट्रोल बम की पड़ताल करना न्यूज़लॉन्ड्री जैसों के लिए अपने अन्नदाताओं को निराश करने वाली बात होगी। इसलिए अपने अन्नदाताओं के खिलाफ जाकर पतझड़ कुमार को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, ऐसा न हो कि उनके खिलाफ जाते ही भारत में बेरोजगारी के आँकड़ों में पतझड़ कुमार भी योगदान करते हुए नजर आएँ।

रतनलाल के हत्यारों की हुई पहचान, पुलिस पर हमले से पहले दंगाइयों ने तोड़ दिए थे CCTV कैमरे

24 फरवरी को चॉंदबाग में पुलिस पर हमला सोची-समझी साजिश थी। दंगाइयों ने पुलिस को बुलाने से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे ताकि उनकी पहचान न हो। अब फुटेज के आधार उनकी धर-पकड़ की जा रही है।

दम तोड़ रहा है शाहीन बाग: खाली पंडाल में कैमरा देख औरतों ने बजाया हूटर, दौड़ते आए मर्द

एक चैनल की टीम आज प्रदर्शन को कवर करने पहुॅंची। वहॉं करीब 19 औरतें ही थीं। कमजोर होते प्रदर्शन की सच्चाई छिपाने के लिए औरतों ने हूटर बजाया तो कुछ मर्द वहॉं पहुॅंचे। उन्होंने डराने के लिए महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की।

ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम की तलाश: जहाँ हुई IB के अंकित शर्मा की हत्या वहाँ मौजूद था

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हिंसा वाले दिन शाह आलम अपने भाई यानी ताहिर हुसैन की छत पर दंगाइयों के साथ मौजूद था। हिंसा भड़काने में उसका बहुत बड़ा हाथ है। वह फरार बताया जा रहा है।

जब ‘दुकानदार’ राजदीप सरदेसाई से डरते थे रवीश कुमार, पिछले दरवाजे से आते थे दफ्तर

वे 'देवानंद' बनना चाहते थे, लेकिन बन गए कुंठित पत्रकार। सो, खीझ होनी स्वभाविक है। इसलिए ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि राजदीप सरदेसाई को अब रवीश कुमार भी दुकानदार बता रहे हैं। कह रहे हैं मैं उनकी तरह बैलेंसवादी नहीं हूॅं।

हिंदूफोबिया एक सच्चाई है, मैंने भी इसे झेला है: अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड

"बदकिस्मती से हिंदूफोबिया एक सच है। मैंने कॉन्ग्रेस और राष्ट्रपति उम्मीदवारी के अपने अभियान के दौरान हर बार प्रत्यक्ष तौर पर इसे महसूस किया है। इसके बावजूद हमारे नेता और मीडिया इसे न केवल बर्दाश्त करते हैं, बल्कि इसे और भड़काते हैं।"

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