"अगर दूल्हा भाग न जाए तो शादी नक्की"- सरदार पटेल की इस एक लाइन ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की राह में रोड़े अटकाने वाले नेहरू के अरमानों पर पानी फेर दिया। नेहरू ने डॉक्टर प्रसाद को रोकने के लिए झूठ तक बोला लेकिन उनकी पोल खुल गई।
“मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है। ये बिल्कुल बकवास बात है। जमीयत को ये हक है कि वो मुझे केस से हटा सकते हैं लेकिन जो वजह दी गई है वह गलत है।”
"उपेक्षा का एकमात्र कारण ऐसे कुलपतियों का यहाँ आना भी रहा जो वामपंथी विचारधारा से प्रेरित थे। जिनकी हिन्दू धर्म और सनातन परम्पराओं में कोई रूचि नहीं रही। कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान जब वामपंथ का बोलबाला रहा तभी BHU के संविधान से काफी छेड़छाड़ हुआ।"
घटना के 4 दिन बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वो इस ख़बर से व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। लोग पुलिस व प्रशासन से नाराज़ हैं।
“विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंकजा मुंडे आत्मनिरीक्षण कर रही हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रही हैं। दुर्घटनावश बनी सरकार उनके बारे में निराधार खबरें फैला रही है।”
जमीयत ने कहा है कि पर्यटकों और घुमंतुओं के रचित वृत्तांतों पर अदालत को भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने कहा है कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के कोई सबूत नहीं है। साथ ही इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता है।
जहॉं गोली मारी गई उस इलाके को तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक मंत्री ने 'मिनी पाकिस्तान' करार दिया था। एक पाकिस्तानी पत्रकार को ममता बनर्जी के मंत्री फरहाद हाकिम ने कहा था कि गार्डन रीच वाला इलाक़ा कोलकाता का 'मिनी पाकिस्तान' है।
भरोसा जीतने के लिए आरिफ ने डॉ. रेड्डी को अपना नंबर दिया था। जब स्कूटी ठीक कराने गया युवक काफी देर तक नहीं लौटा तो इस नंबर पर उन्होंने कॉल किया। इसी नंबर को ट्रेस कर पुलिस लॉरी तक पहुॅंची और मामले की गुत्थी सुलझी।
प्रोफेसर पाठक ने कहा कि जाँच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। इंटरनल कंप्लेंट कमिटी की जाँच में क्या निकला, इस सम्बन्ध में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी जानकारी नहीं दी है।