हैदराबाद वाला मामला मजहबी नहीं लगता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मजहबी बलात्कार होते ही नहीं! रवीश जैसों की कोशिश यह है कि इस घटना का इस्तेमाल कर उन तमाम 'रेप जिहाद' की खबरों को चर्चा से गायब कर दिया जाए जहाँ बलात्कारी का मकसद मजहबी घृणा ही है, और कुछ नहीं।
"कॉन्वेंट्स में जवान ननों को पादरियों के पास उनके 'यौन सुख' के लिए भेजा जाता है। वहाँ उन्हें घंटों नंगे खड़ा रखा जाता है। वो लगातार गिड़गिड़ाती रहती हैं लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जाता है। 'सेफ सेक्स' के लिए आयोजित 'प्रैक्टिकल क्लास' में पादरी और भी कई कुकर्म करते हैं।"
कक्षा 10 के कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने मॉडल पेपर तैयार किया है। इसमें कहा गया है, “कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था।” यह पेपर कई महीनों से सरकारी स्कूली में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
8 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई है।
आरोपित पीड़िता को घसीटकर खेत में ले गए। सॉफ्ट ड्रिंक में व्हिस्की मिलाकर उसे पीने को मजबूर किया। सिर पर वार किया। बारी-बारी से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिर लाश को लॉरी में डाल लिया, लेकिन दरिंदगी जारी रही...
रात के सवा नौ बजे जब डॉ. प्रीति ने अपनी बहन को फ़ोन किया था, उसी समय आरिफ़ ने उनके पास आकर मदद की पेशकश की थी। टोल प्लाजा पर स्कूटी खड़ी करते देख ही वह अपने साथियों के साथ रेप और मर्डर का प्लान बना चुका था।
अजित पवार के कदम को शरद पवार का मौन समर्थन हासिल था। उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा आखिरकार उनकी मॉंगे मान लेगी। लेकिन, जब मोदी उनके दबाव में नहीं आए तो उन्होंने भतीजे को लौट आने का संदेश भिजवाया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि महाराष्ट्र में पहली बार मुस्लिम सीएम बनाने में भी बाल ठाकरे की अहम भूमिका थी। एआर अंतुले का समर्थन करने वाले ठाकरे पहले नेता थे। प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी की राष्ट्रपति उम्मीदवारी के वक्त भी वे एनडीए के साथ नहीं गए।
10 बजे (लगभग) रात के बाद से 2-2:30 बजे तक दरिंदगी और हैवानियत। इसी समय शव को आग लगाने के बाद ट्रक और स्कूटर से भागे। लेकिन कुछ देर बाद ही स्कूटर पर सवार दो आरोपितों ने वापस जाकर यह देखा कि बॉडी ठीक से जली या नहीं ताकि पहचान...
उस्मान खान के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर फरवरी 2012 में उसे 8 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। खान लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर बमबारी करने की योजना बना रहा था, उसका परिवार पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में एक आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर...