अख़बार ने 1955-99 का भी दौर याद दिलाया, जब शिवसेना महाराष्ट्र के राजग गठबंधन में 'बड़ा भाई' की भूमिका में थी और बालासाहब ठाकरे ने मातोश्री से रिमोट कण्ट्रोल सरकार चलाई थी। अगर उस समय भाजपा सीएम पद माँगती तो क्या शिवसेना दे देती?
कॉन्ग्रेस कहती है कि वह धार्मिक भावनाओं को तवज्जो नहीं देती। फिर क्या कारण था कि अचानक राजीव गॉंधी हिंदू जनभावना के रथ पर सवार होने को बेचैन हो उठे? इसके लिए वे देवरहा बाबा के पास हाजिरी देने से भी पीछे नहीं हटे।
स्वरा भास्कर ने जिस अंदाज़ में यह सब बातें कही उस अंदाज़ को भले ही दर्शकों ने पसंद किया हो, लेकिन एक बाल कलाकार को इस तरह से संबोधित करके स्वरा ने अपने अभद्र व्यवहार का ही प्रमाण दिया है।
संजय राउत ने दावा किया था कि महाराष्ट्र के हित में कॉन्ग्रेस और एनसीपी का समर्थन शिवसेना को मिल सकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सोनिया और पवार की मुलाकात में क्या खिचड़ी पकती है।
आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया में देवी-देवताओं पर कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, ज़िला प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी देवता की मूर्ति की स्थापना नहीं होगी।
पर्सिया के बादशाह ने पैगम्बर मुहम्मद की चिट्ठी को फाड़ डाला। पैगम्बर ने तब कई राजाओं को लिखा था कि अगर तुम इस्लाम नहीं अपनाओगे तो तुम्हारा साम्राज्य तहस-नहस हो जाएगा। पैगम्बर ने इस्लामी सैनिकों को 'जिहादी' की संज्ञा दी थी। 1400 वर्ष पूर्व शुरू हुई इस कहानी को जानने के लिए...
सत्ता के लिए भीम को मीम के साथ आना पड़ा। गेस्टहाउस कांड वाले बुआ-भतीजा हो गए। बात दलितों की कभी हुई ही नहीं, बात हमेशा गणित की, सीट पाने की, सत्ता में पहुँचने की थी। लालू-मुलायम-माया-सोनिया आदि ने दलितों-गरीबों को दलित और गरीब रखने पर विशेष काम किया।
"कॉन्ग्रेस पार्टी भले ही दस साल आगे की सोच रखने का दावा करती हो मगर सच्चाई यह है कि इस पार्टी के लोग अगले दस मिनट में क्या कर डालेंगे, इसका किसी को कोई अंदाज़ा नहीं। हकीकत यह है कि आप आने वाले समय में एक वेब सीरीज बना सकते हैं कि कैसे कॉन्ग्रेस पार्टी जनता से दूर होती चली गई।"
संजय राउत के मुताबिक 'महाराष्ट्र के हित में' शिवसेना के साथ कॉन्ग्रेस और एनसीपी आ सकते हैं। बकौल राउत शिवसेना को समर्थन का आँकड़ा 175 तक पहुँच सकता है। 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आँकड़ा 145 है।
मुंबई में विधान भवन के कैंपस में शपथ ग्रहण की तैयारियाँ चल रही हैं। शपथ ग्रहण के लिए स्टेज बनाया जा रहा है। शामियाना लगाया जा रहा है, कुर्सियाँ लगाई जा रही है। बाक़ी तैयारियाँ भी ज़ोरों पर है।