अदालत ने यह भी कहा कि केवल मुस्लिमों के दो से अधिक बच्चे होने का आधार भी ग़लत है। अदालत ने कहा कि इस मामले में 21 याचिकाकर्ताओं में से सभी ने दो से अधिक बच्चे होने की बात स्वीकार की है। जबकि इनमें केवल एक मुस्लिम है, वह भी एक महिला।
"यहाँ तब्लीगी जमात के बेहद "सख्त और रूढ़िवादी" भी बड़े आराम से रहते हैं। यहाँ सूफी परंपरा का केंद्र भी है, जहाँ लोग मकबरे की पूजा करते हैं और कव्वालियाँ गाते हैं। भारत में सहिष्णुता की भावना है।"
जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। देश के पहले क़ानून मंत्री अम्बेडकर भी इसके लिए राज़ी नहीं थे।
बलूच, सिंधी, पश्तो, जो कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समूह हैं, दशकों से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के हाथों उत्पीड़न का दंश झेल रहे हैं और अब पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मदद माँग रहे हैं। इन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान उनके समुदायों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहा है।
देवेंद्र फडणवीस को 39% लोगों ने मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद माना है जबकि 6% लोग उद्धव ठाकरे के पक्ष में थे। बता दें कि उद्धव की शिवसेना भी राजग का हिस्सा है।
इन “Coalition partners” की खोजबीन में सबसे पहला कनेक्शन जो निकल कर सामने आता है, वह है दुनिया के सबसे क्रूर, जिहादी, मानवाधिकार के भक्षक देशों में से एक पाकिस्तान का है। कुछ मामलों में तो यह कनेक्शन भी भी सेना की गोद में बैठे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI से सीधा-सीधा निकलता है।
अपने SUV कारों से 'Save Aarey' प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले सेलेब्स क्या मुंबई की करोड़ों लोगों की ज़रूरतों को समझते भी हैं? सरकार 2185 पेड़ काटेगी तो 13,000 से भी अधिक लगाएगी भी। 3000 एकड़ के आरे क्षेत्र के 2.5% की ही मेट्रो को ज़रूरत है।
एक्ट्रेस से सांसद बनने का सफर तय करने वालीं नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती ने माँ दुर्गा के एक गाने पर साथ में डांस किया। इन दोनों सासंदों के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लेकिन कुछ कट्टरपंथियों को नुसरत का देवी दुर्गा के लिए डांस करना नहीं भाया और...
आजादी, ऑटोनमी और सेल्फ रूल का नारा देने वालों के सुर बदलने लगे हैं। अब न सिर्फ वे कहने लगे हैं कि हमें रिहा कर दो बल्कि सरकारी बॉन्ड भरकर यह भी लिखित में देने लगे हैं कि रिहाई के बाद न तो वो आजादी वाला नारा लगाएँगे और न ही ऐसा कोई काम करेंगे, जिससे माहौल बिगड़े।