26/11 आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए, 300+ घायल हुए थे। इन आतंकियों से लोहा लेते हुए मुंबई पुलिस, होमगॉर्ड, ATS, NSG कमांडों सहित कुल 22 सुरक्षाबलों ने भी अपना बलिदान दिया था।
पीड़िता बताती है कि जब वो फ्लैट में आने से मना करती थी तो उसे लगातार जिंदा जलाकर मारने की धमकियाँ दी जाती थीं। आरोप सिद्ध करने के लिए उसने 2018 के संदेश दिखाए हैं।