हर्ष मंदर का एक विडियो वायरल हुआ है। इसमें वह सीएए विरोधियों को उकसा रहा है। उनसे कह रहा है कि फैसला न संसद में होगा, न सुप्रीम कोर्ट में होगा, बल्कि फैसला सड़कों पर होगा।
बरखा दत्त ने अपनी सालों से सींची गई प्रोपेगेंडा पत्रकार की भूमिका का बखूबी निर्वाह करते हुए इस हिन्दू विरोधी दंगों की रिपोर्टिंग में भी जानबूझकर हिन्दू विक्टिम्स को दरकिनार किया और सारा फोकस मुस्लिम पीड़ितों पर ही बनाए रखा, जिससे इन दंगों को मुस्लिम नरसंहार साबित किया जा सके, जबकि जमीनी वास्तविकता ठीक इससे उलट है।
द प्रिंट में काम करने वाली महिला 'पत्रकार' नीरा मजूमदार ने न केवल भारत माता की जय बोलने वालों को गुंडा करार दिया बल्कि पुलिस से भी जवाब तलब कर लिया कि आखिर ऐसे लोगों को इस तरह की रैली निकालने की अनुमति दे कैसे दी?
संजीव मराडी नामक इस व्यक्ति मीडिया के सामने राज्य सरकार से अमूल्या नामक इस "छात्र एक्टिविस्ट" को जमानत पर न छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि इसे जमानत पर न छोड़ा जाए अन्यथा हम इसका एनकाउंटर करेंगे या जो भी ऐसा करेगा उसको 10 लाख रुपए ईनाम देंगे।
"तुम लोगों को बेवकूफ बनाना कितना आसान है। जिन्हें ये भी नहीं पता कि INVENTION और POPULARISING में क्या फर्क होता है। क्या तुम्हारी माँ ने अपने पीरियड के दौरान ट्रू इंडोलॉजी की कुत्तियों को खाना खिलाया था?"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को दिल्ली के राजपथ पर हुनर हाट पहुँचे। इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वो हुनर हाट में न सिर्फ कई कलाकारों से मिले बल्कि वहाँ उन्होंने लिट्टी-चोखा खाया और कुल्हड़ में चाय भी पी।
अतुल खत्री ने ट्वीट किया, "मोदी जी ट्रंप को जो तीन शहर- दिल्ली, अहमदाबाद, आगरा दिखाएँगे, उन्हें मुगलों ने बसाया था।" सच्चाई यह है कि इन शहरों का विध्वंस कर उसकी खंडहरों पर मुगलों ने इमारतें खड़ी की थी। यूजर्स ने इस इतिहास से खत्री को रूबरू कराने में देरी नहीं की।
यहाँ डिफेंड मत कीजिए, सवाल पूछिए और बार-बार पूछिए कि वो कहाँ से आए थे? सवाल पूछिए कि जब उसके हाथ में वॉलेट था तो उसने सारे सोशल मीडिया अकाउंट डीएक्टिवेट क्यों कर लिए? सवाल पूछिए कि पत्थर क्या आसमान से गिरे थे पुलिस पर?
यह पहली बार नहीं है, या फिर इस प्रकार की रिपोर्टिंग करने वालों में बीबीसी ही अकेला नहीं है। बीबीसी की ही तर्ज पर दी लल्लनटॉप एक साल पहले इस तरह की रिपोर्ट शेयर कर चुका है। वैसे लल्लनटॉप एक बार हिटलर का लिंग भी नाप चुका है।