"अतिथि विद्वानों से कॉन्ग्रेस ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हमारी माँगों को पूरा किया जाएगा। हमने साल भर तक इंतजार किया। उसके बाद ही हमने अपना आंदोलन शुरू किया। मगर आंदोलन शुरू होते ही अतिथि विद्वानों को नोटिस मिलना शुरू हो गया।"
मृतक की पत्नी हैंडपप से पानी लेकर बर्तन धो रही थी। कथित तौर पर रेंजर ने जातिसूचक गाली देनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर एक महिला अधिकारी ने सरोज की बेटी को बाल पकड़ घसीटना शुरू कर दिया। यह देख बीच-बचाव के लिए सरोज का पति दौड़ा, जिसकी गोली मार हत्या कर दी गई।
कमलनाथ-सिंधिया के बीच तल्खी बढ़ने की खबर सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए। बताया जा रहा है कि कमलनाथ के घर पर हुई इस बैठक में सिंधिया के साथ कई मुद्दों पर नोंकझोंक हुई। पूरे मामले से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भी अवगत कराया गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य के किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। इस बारे में जब सीएम कमलनाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा- तो उतर जाएँ।
"छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्होंने औरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे, जो भारत के गौरव का प्रतीक हैं, उनका अपमान किया गया। उनकी प्रतिमा को गिराने के लिए जेसीबी मशीन। देश अपने महापुरुषों का अपमान सहन नहीं करेगा।"
मध्य प्रदेश में पहले तो तीर्थ दर्शन योजना के तहत चुने गए हजारों बुजुर्गों की यात्रा आखिरी समय में रद्द कर दी गई। उसके बाद कमलनाथ के मंत्री गोविंद सिंह ने इस योजना को बंद करने की वकालत करते हुए कहा कि आईफा अवॉर्ड जैसे आयोजन विकास के लिए जरूरी हैं।
इंदौर में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर रहने वाले तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार हुए हैं। आरोपित पहचान बदलकर ना सिर्फ इंदौर में रह रहे थे बल्कि देह व्यापार और नकली नोट का धंधा भी चला रहे थे। इस गिरोह की सरगना बांग्लादेशी महिला है। इसका असली नाम बेगम खातून है।
शिवाजी की प्रतिमा को जेसीबी से हटाने की घटना सौंसर में मोहगाँव तिराहे की है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को लेकर कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा कि क्या छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आदर्श मानने वाली शिवसेना ये अपमान सह पाएगी?
अनिल अंबानी के सासन पॉवर प्रोजेक्ट पर सरकार का 450 करोड़ रुपए बकाया है। इसकी वसूली एक साल के अंदर करनी थी। लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसकी मियाद चार साल कर दी है।
अपने ही गाँव की एक लड़की से प्रेम करना युवक को महँगा पड़ गया। दोनों के रिश्ते के बारे में मालूम पड़ते ही लड़की के अब्बा आशिक और उसके ममेरे भाई अशरफ ने मिलकर उसे पहले मौत के घाट उतारा और बाद में उसकी मौत को दुर्घटना में बदलने के लिए उसके शव को...