सुभ्रांशु रॉय के अलावा नोआपारा से विधायक सुनील सिंह और बैरकपुर के विधायक शीलभद्र दत्ता मुकुल रॉय के साथ दिल्ली पहुँच चुके हैं। इन तीनों नेताओं के आज शाम 4 बजे बीजेपी दफ्तर में पार्टी में शामिल होने की खबर है।
ममता बनर्जी और विपक्ष के अन्य नेताओं का EVM खटराग नया नहीं है। विपक्षी नेता इसे लेकर निर्वाचन आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए थे, लेकिन हर जगह उन्हें मुँह की ही खानी पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट ने (30 अप्रैल) सीबीआई को कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ पर पहले दी गई छूट को हटाने के लिए संतोषजनक सबूत पेश करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि जेल से बाहर आने के तुरंत बाद प्रियंका को लिखित रूप में ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी माँगनी होगी। मगर कुछ ही देर बाद पीठ ने प्रियंका के वकील एनके कौल को वापस बुलाया और अपने आदेश में संशोधन करते हुए जमानत के लिए माफीनामा की शर्त समाप्त कर दी।
लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण में बशीरघाट में मतदान होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि बशीरघाट में 50 फ़ीसदी से अधिक लोग मुस्लिम हैं, पिछले साल वहाँ 2 बार साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएँ हो चुकी हैं।
भाजपा कार्यालय से लेकर पेड़ तक पर भाजपा कार्यकर्ताओं की लाशें लटकी होने की ख़बर इतनी आम हो गई हैं कि सुन कर पहले ही सोच लेता हूँ कि बंगाल की ही ख़बर होगी।
पश्चिम बंगाल में 6 चरण में मतदान हो रहे हैं। शुरुआती चरणों में सबसे ज्यादा हिंसक घटनाएँ पश्चिम बंगाल में हो रही हैं। आज भी वामपंथी नेता मोहम्मद सलीम पर हमला हुआ है।
कभी विपक्ष को एकजुट करके रैली निकालने वाली ममता बनर्जी आज खुद कॉन्ग्रेस पर चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद लेने का आरोप लगा रही है। उनके अनुसार जंगीपुर में अभिजीत मुखर्जी के लिए और बहरामपुर में अधीर चौधरी के लिए RSS प्रचार कर रही है।
कॉन्ग्रेस नेता इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल बता रहे हैं। कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर नहीं लड़ रही है।