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अभिव्यक्ति की आजादी देश की चूलें हिलाने में नहीं, देशहित में अभिव्यक्त हों: आजादी के सिपाहियों की मंशा

कुछ लोगों को लगता है कि सत्ता के खिलाफ आवाज उठाना ही सबसे बड़ा वाक्शौर्य है, लेकिन वो भूल जाते हैं कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब सिर्फ...

अर्नब पर हमला न होकर रवीश पर होता तो नेशनल-इंटरनेशनल मीडिया में चलते ये 4 हेडलाइन

...अगर ये हमला अर्नब पर न होकर रवीश पर होता तो क्या देश का चौथा स्तम्भ अब तक भरभराकर गिर नहीं गया होता? इंटरनेशनल मीडिया अब तक...

अर्नब गोस्वामी ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से दिया इस्तीफा, कहा- अब इस संस्था में फेक को फेक कहने का दम नहीं

अर्नब गोस्वामी ने कहा ने कहा कि वह काफी लंबे वक्त से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं लेकिन अब यह मात्र कुछ लोगों का समूह है जिनमें फेक खबरों को फेक कहने का दम नहीं है।

बिस्किट लाने गए रिजवान को UP पुलिस ने मारा, हुई मौत: वामपंथी मीडिया ने फैलाई खबर, डॉक्टर ने बताई सच्चाई

अम्बेडकरनगर में रिजवान बिस्किट लाने गए। पुलिस ने इतना मारा कि मौत हो गई। मीडिया ने यही खबर फैलाई। लेकिन जिस डॉक्टर ने इलाज किया, उन्होंने...

राणा अयूब, सबा नकवी, आरफा… एक पाकिस्तानी ने पूरी जमात की खड़ी कर दी खटिया, देखें Video

"ये दुनिया की बदकिस्मत कौम है। ये 'सिंगल सोर्स' कौम, जो अपने डॉक्टर्स पर, पुलिस पर पथराव कर रहे हैं। खुदा का खौफ करो…"

मुरादाबाद के हमलावरों पर चुप्पी साधने वाली RJ सायमा ‘इंसानियत’ के नाम पर रंगोली के खिलाफ माँग रहीं FIR

आरजे सायमा चाहती हैं प्रेम-शांति-इंसानियत के नाम पर लोग जमातियों के ख़िलाफ़ अपनी प्रतिक्रिया देना बंद कर दें और उनकी हरकतों को मात्र नादानी मानें।

वहाँ इमरान तबलीगियों को सरहद पार कराता है तो यहाँ BBC उन्हें क्लीन चिट देता है

क्या BBC इतना मासूम है कि वह कोरोना के संक्रमण के इस बड़े माध्यम (तबलीगी जमात) से अभी तक अनजान है? कि इस मरकज से निकले हुए लोग आखिर किन-किन जगहों पर नहीं गए होंगे?

800 साल पुराने गोरखनाथ मंदिर को 18वीं सदी के नवाब ने दी थी भूमि दान- आरफा खानम का झूठा दावा वायरल

तथ्य यह है कि नवाब द्वारा दान देना तो दूर, गोरखनाथ मंदिर को दो बार मुस्लिम आक्रान्ताओं द्वारा नष्ट किया गया था। सबसे पहले इसे अलाउद्दीन खिलजी ने 14वीं सदी में नष्ट किया था। जिससे यह साबित होता है कि यह मंदिर 18वीं शताब्दी से भी पहले का है। इसके बाद फिर 18वीं सदी में भी...

भास्कर ने जमातियों की सच्चाई दिखाई, ‘वायर’ और ‘न्यूजलॉन्ड्री’ छाती कूट कर रोने लगे कि चीटिंग है!

हास्यास्पद यह है कि दैनिक भास्कर ने जिन स्थानों को पाठकों के लिए रिक्त छोड़ा था उसमें 'द वायर' और 'न्यूज़लॉन्ड्री' ने अपनी समझ के अनुसार 'तबलीगी जमात' भर दिया। इसके बाद दैनिक भास्कर पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप भी जड़ दिया।

मीडिया गैंग ने फैलाया झूठ, लोटन निषाद की हत्या पर मुँह में दही जमाए बैठे भीम आर्मी चीफ को भी हुआ जुलाब

महबूब अली दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हैं। कोरोना संक्रमित होने का संदेह है। मीडिया गिरोह ने बवाना में उनकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने की खबर उड़ा दी। झूठ पकड़े जाने पर भूल सुधार की जहमत भी नहीं उठाई।

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