विषय

Media Gang

‘जय श्रीराम वाली भीड़ ने की अंकित की हत्या’ – इस खबर वाले फिरंगी पत्रकार को देश से निकालने पर कंफ्यूजन दूर

"पत्रकार बेलमैन के खिलाफ शिकायत सरकार के ऑनलाइन शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म 'ऑनलाइन ग्रीवांस रिड्रेसल प्लेटफॉर्म' पर एक व्यक्ति ने निजी हैसियत से की। संबंधित विभाग को शिकायत फॉरवर्ड करना एक रूटीन प्रक्रिया है और इस जर्नलिस्ट के डिपोर्टेशन पर विदेश मंत्रालय ने कोई फैसला नहीं लिया है।"

‘मीडिया के जिहादी! हिन्दू आतंकवाद ठीक, जिहाद से भड़क गए दरबारी’- सुधीर चौधरी ने ली राजदीप की क्लास

सुधीर चौधरी ने ज़ी न्यूज़ पर ही एक शो के दौरान जम्मू-कश्मीर में 'कमजोर कानूनों' की आड़ में चल रहे जमीन घोटालों के सच को 'जमीन जिहाद' के नाम से सामने लाया था।

न्यूज़लॉन्ड्री के पतझड़! वैचारिक बवासीर के लिए मंदिर के पुजारी नहीं, हकीम लुकमान के पास जाओ

आसमानी गुलेलों और पेट्रोल बम की पड़ताल करना न्यूज़लॉन्ड्री जैसों के लिए अपने अन्नदाताओं को निराश करने वाली बात होगी। इसलिए अपने अन्नदाताओं के खिलाफ जाकर पतझड़ कुमार को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, ऐसा न हो कि उनके खिलाफ जाते ही भारत में बेरोजगारी के आँकड़ों में पतझड़ कुमार भी योगदान करते हुए नजर आएँ।

ताहिर हुसैन के बचाव में उतरी ‘द वायर’: अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के आरोपित को दिया ‘मंच’

द वायर नामक इस प्रोपोगंडा साइट ने अंकित शर्मा के वीभत्स मर्डर को झुठलाने की न सिर्फ कोशिश की थी बल्कि दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में इस्लामिक भीड़ द्वारा हिन्दुओं पर बरपाए गए कहर को भी नजरअंदाज करने का कुत्सित प्रयास किया था।

गुंडे होते हैं भारत माता की जय बोलने वाले? शेखर गुप्ता के The Print में काम करने वाली ‘पत्रकार’ ने तो यही कहा

द प्रिंट में काम करने वाली महिला 'पत्रकार' नीरा मजूमदार ने न केवल भारत माता की जय बोलने वालों को गुंडा करार दिया बल्कि पुलिस से भी जवाब तलब कर लिया कि आखिर ऐसे लोगों को इस तरह की रैली निकालने की अनुमति दे कैसे दी?

‘रोड जाम करना ही पड़ेगा’: दिल्ली हिंसा पर वामपंथी प्रोपेगंडा पोर्टलों ने यूँ फैलाया ज़हर, दंगाइयों का किया बचाव

दिल्ली जब जल रही थी, तब मीडिया का एक वर्ग क्या कर रहा था? कोई दिल्ली पुलिस को गाली दे रहा था तो कोई कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहरा रहा था। जान भी गँवाए दिल्ली पुलिस और गाली भी वही सुने? जिस उपद्रव में गाँधी को फासिस्ट बताया गया, उसे गांधीवादी कैसे साबित किया जा सकता है?

7 फरेबी पत्रकार: जामिया के एडिटेड विडियो से कर रहे बलजोरी, सोशल मीडिया पर लत्तम-जूत्तम

जैसे ही जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी ने इस वीडियो को रिलीज किया, लिबरल सेक्युलर मीडिया गैंग के कथित पत्रकारों ने इसे हाथों-हाथ लेते हुए प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। मीडिया गैंग के अनुसार इस वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि पुलिस ने ही पहले छात्रों पर बर्बरता दिखाई, जिसके बाद कैंपस में हिंसा भड़की। लेकिन कहानी कुछ और ही है।

पत्रकारिता के नाम पर बिग BC: पूछा- कैसे करें पेशाब, ट्विटर यूजर्स ने दिए ‘क्रांतिकारी’ जवाब

यह पहली बार नहीं है, या फिर इस प्रकार की रिपोर्टिंग करने वालों में बीबीसी ही अकेला नहीं है। बीबीसी की ही तर्ज पर दी लल्लनटॉप एक साल पहले इस तरह की रिपोर्ट शेयर कर चुका है। वैसे लल्लनटॉप एक बार हिटलर का लिंग भी नाप चुका है।

Oops Sorry शेखर गुप्ता! वित्त मंत्री ने बताया द प्रिंट की रिपोर्ट को फर्जी, कहा- नहीं दिए ऐसे बयान

'दी प्रिंट' की इस खबर में बताया गया था कि वित्त मंत्री ने मुंबई के उद्योगपतियों का अपमान किया है। इसके बाद वित्त मंत्री के व्यवहार पर ज्ञान देते हुए दी प्रिंट ने लिखा है कि निर्मला सीतारमण लोगों की खिंचाई करने के लिए जानी जाती हैं, खासतौर पर जब वो किसी मुद्दे पर हाशिए पर हों।

पुलवामा आतंकी था धोनी का फैन, बेचारे के शरीर का एक टुकड़ा भी नहीं मिला: HT ने लगभग दी श्रद्धांजलि!

मीडिया के लोग आतंकवादियों के एक 'आम आदमी' से आतंकवादी बनने की घटना का बेहद फ़िल्मी तरीके से महिमामंडन करते नजर आते हैं। आतंकवादियों से अलग यह अपना एक अलग किस्म का बौद्धिक जिहाद चला रहे होते हैं, जिनका पहला संघर्ष सामान्य विवेक और तर्क क्षमता से नजर आता है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें