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Media Hypocrisy

जब ‘दुकानदार’ राजदीप सरदेसाई से डरते थे रवीश कुमार, पिछले दरवाजे से आते थे दफ्तर

वे 'देवानंद' बनना चाहते थे, लेकिन बन गए कुंठित पत्रकार। सो, खीझ होनी स्वभाविक है। इसलिए ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि राजदीप सरदेसाई को अब रवीश कुमार भी दुकानदार बता रहे हैं। कह रहे हैं मैं उनकी तरह बैलेंसवादी नहीं हूॅं।

लदीदा, ताहिर, शाहरुख़, सलमान, इशरत…जिहादियों की नई पौध CAA विरोध के साथ तैयार

शाहीन बाग़ ने अपने चहेते मीडियाकारों के साथ मिलकर रोज थोड़ा-थोड़ा प्रयासों से दिल्ली में हिन्दुओं के खिलाफ नरसंहार की तैयारियाँ शुरू की। बीस साल के दिलबर नेगी की मौत हो, चाहे आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का चार सौ बार चाकुओं से गोदा गया शरीर हो, इस सबकी पटकथा शाहीनबाग ने ही आधार दिया इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की एकतरफा रिपोर्टिंग: BBC का निमंत्रण प्रसार भारती के CEO ने ठुकराया

वेम्पती ने बीबीसी की योगिता लिमये की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है जिसमें दिल्ली पुलिस को एकपक्षीय बताया गया है। लेकिन, उस दंगाई भीड़ का जिक्र नहीं है जिसने हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान ली।

तुम फेक न्यूज़ की फैक्ट्री हो, घृणा फैलाते हो: इंटरव्यू माँग रहे ‘द प्रिंट’ को कपिल मिश्रा ने लताड़ा

द प्रिंट के पत्रकार ने कपिल मिश्रा से इंटरव्यू के लिए समय देने की गुहार लगाते हुए कहा कि बीजेपी नेता को हर जगह से ख़ासा समर्थन मिल रहा है। उसने कहा कि वो 'द प्रिंट' में उन पर लेख अथवा प्रोफाइल तैयार करना चाहता है।

भारत का ग़लत नक्शा दिखाया, दिल्ली दंगों को भड़काया: हिन्दू-विरोधी Al Jazeera के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज

'अल जज़ीरा' के 'AJ+' ने लगातार कई ऐसे लेख, वीडियो और ख़बरें प्रकाशित किए हैं, जिससे दिल्ली हिंसा में उसका भी हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके माध्यम से भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप में भी हिन्दू-घृणा फैलाई जा रही है। उसके कंटेंट्स हिन्दू-घृणा से सने होते हैं।

मुस्लिमों के खून से सना हुआ है ईसाई राष्ट्रवाद… लेकिन विदेशी मीडिया साध लेता है चुप्पी

पाकिस्तान, ईराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना लगभग 5 लाख निर्दोष मुस्लिम नागरिकों की हत्या कर चुकी है। लेकिन वहाँ की मीडिया को अत्याचारी दिखते हैं हिन्दू राष्ट्रवादी!

NDTV के पत्रकार की डेस्क पर आतंकी ओसामा बिन लादेन? वायरल हो रही तस्वीर

तस्वीर में दिख रहा है कि एनडीटीवी के पत्रकार विष्णु सोम के टेबल पर एक ऐसा डॉल रखा हुआ है, जिसकी शक्ल आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलती-जुलती है। ओसामा को अमेरिका ने पाकिस्तान में मार गिराया था।

ताहिर के चाँदबाग में एजेंडा लेकर रिपोर्टिंग करने पहुँचे राजदीप सरदेसाई, युवक ने की बोलती बंद

"ये मैटर नहीं करता दुकान किसकी है... मैटर ये करता है कि नुकसान किसका हुआ हुआ आप पूछना चाहते हैं कि ये दुकान हिंदू की है या मुस्लिम की। मैं क्यों बताऊँ किसकी है। मैं तो कहूँगा कि नुकसान हमारा भी हुआ।"

आप अपना धैर्य खो बैठे हैं और विपक्ष के अजेंडे में उलझ कर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं

वो चाहते हैं कि आप हिंसा की बात करें, वो चाहते हैं कि आप कानून को हाथ में ले जिस से उनके किए गए कामों को एक कारण मिल सके। क्यों करना है आपको राणा अयूब की ट्वीट को कोट और जवाब देना है? क्यों आपको स्वरा को गद्दार कहना है? राजदीप को क्यों गाली देना है आपको?

रवीश कुमार का प्राइम टाइम प्रोपेगेंडा: गोली चलाने वाला मोहम्मद शाहरुख नहीं, अनुराग मिश्रा है

26 फरवरी को रवीश कुमार ने जिस तरह से तथ्यों को प्राइम टाइम में पेश किया वह इस बात का सबूत है कि मेनस्ट्रीम मीडिया दंगाई के मुस्लिम होने पर न केवल उसका नाम छिपाता है, बल्कि उसे क्लीनचिट भी देता है।

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