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Media Hypocrisy

‘रोड जाम करना ही पड़ेगा’: दिल्ली हिंसा पर वामपंथी प्रोपेगंडा पोर्टलों ने यूँ फैलाया ज़हर, दंगाइयों का किया बचाव

दिल्ली जब जल रही थी, तब मीडिया का एक वर्ग क्या कर रहा था? कोई दिल्ली पुलिस को गाली दे रहा था तो कोई कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहरा रहा था। जान भी गँवाए दिल्ली पुलिस और गाली भी वही सुने? जिस उपद्रव में गाँधी को फासिस्ट बताया गया, उसे गांधीवादी कैसे साबित किया जा सकता है?

झूठ फैलाते ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार को एक व्यक्ति ने यूँ सिखाया सबक, दिल्ली पुलिस को कर रहा था बदनाम

'आजतक (इंडिया टुडे)' के पत्रकार ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली के एक इलाक़े में गया हुआ था। वहाँ से उसने बताया कि उस क्षेत्र में पुलिस की तैनाती नहीं की गई है। उसने एक तरह से दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की। देखिए कैसे एक जिम्मेदार नागरिक ने उसकी पोल खोली।

मस्जिद पर भगवा ध्वज की पुरानी वीडियो शेयर करके फँसी राणा अय्यूब, शिकायत दर्ज

शिकायतकर्ता के अनुसार, "राणा झूठी अफवाहों को पोस्ट करने और भारत और भारत सरकार को बदनाम करने के लिए नियमित रुप से काम करती रही हैं, देश में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने में सफल होने से पहले उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरुरी है।"

‘दोनों तरफ के लोग हैं’: ‘दंगा साहित्य’ के दोगले कवियों से पूछिए कि हिन्दू ने कहाँ दंगा किया, कितने दिन किया?

इस नैरेटिव से बचिए और पूछिए कि जिसकी गली में हिन्दू की लाश जला कर पहुँचा दी गई, उसने तीन महीने से किसका क्या बिगाड़ा था। 'दंगा साहित्य' के कवियों से पूछिए कि आज जो 'दोनों तरफ के थे', 'इधर के भी, उधर के भी' की ज्ञानवृष्टि हो रही है, वो तीन महीने के 89 दिनों तक कहाँ थी, जो आज 90वें दिन को निकली है?

मस्जिद पर भगवा ध्वज: राणा अयूब ने गिरफ़्तारी के डर से डिलीट किया वीडियो, फिर से किया ट्वीट

'स्क्रॉल' ने दावा किया कि लोगों ने 'जय श्री राम' और 'हिन्दुओं का हिंदुस्तान' नारा लगाते हुए मस्जिद को जला डाला और उसके ऊपर हनुमान का ध्वज फहरा दिया।

‘दी क्विंट’ ने किया आमूल्या लियोना का फैक्ट चेक, ताकि लोग ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारों को भूल जाएँ

अमूल्या लियोना का पक्षधर बनकर 'द क्विंट' ने एक फैक्ट चेक किया है। जिसमें बताया है कि किस तरह ट्विटर पर लोग इस पुराने वीडियो को शेयर कर रहे हैं और यूजर्स में भ्रम की स्थिति फैला रहे हैं। जबकि स्पष्ट है कि यहाँ भ्रम की स्थिति नहीं फैलाई जा रही?

जामिया के PhD दंगाई के हाथ में वॉलेट नहीं पत्थर ही था: AltNews के झूठ की पोल खोलता Video

प्रोपेगेंडा पोर्टल 'ऑल्टन्यूज़' ने दावा किया था कि विडियो में दिख रहे छात्र के हाथ में पत्थर नहीं, वॉलेट है। नए विडियो ने उसे फिर से झूठा साबित किया है। इस विडियो में अन्य छात्रों के हाथ में भी पत्थर दिख रहे हैं।

रवीश कुमार नहीं समझ पा रहे जामिया की लाइब्रेरी में क्यों भागे ‘छात्र’: बताने की कृपा करें

रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए।

7 फरेबी पत्रकार: जामिया के एडिटेड विडियो से कर रहे बलजोरी, सोशल मीडिया पर लत्तम-जूत्तम

जैसे ही जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी ने इस वीडियो को रिलीज किया, लिबरल सेक्युलर मीडिया गैंग के कथित पत्रकारों ने इसे हाथों-हाथ लेते हुए प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। मीडिया गैंग के अनुसार इस वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि पुलिस ने ही पहले छात्रों पर बर्बरता दिखाई, जिसके बाद कैंपस में हिंसा भड़की। लेकिन कहानी कुछ और ही है।

गार्गी कॉलेज मामला: CCTV में नहीं दिखा कोई भगवा झंडा, जय श्रीराम का प्रपंच हुआ फुस्स

इंस्टाग्राम हैंडल iawaken.in और @fuckbjp नाम का ट्विटर हैंडल। इन्हीं दोनों हैंडल से गार्गी कॉलेज में छेड़छाड़ के दौरान भगवा झंडे और जय श्रीराम के नारों का प्रोपेगेंडा रचा गया। अब इन दोनों हैंडल से सब कुछ गायब है, लेकिन मीडिया ने बिना जाँच-पड़ताल किए प्रोपेगेंडा को पूरी हवा दी। अब CCTV से भी...

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