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रट लें जनगणना में पूछे जाएँगे ये 31 सवाल, कोई 32वां गिनाए तो पत्थर ले सड़क पर न करें ‘छपाक’

जनगणना पारंपरिक पेन और पेपर के बजाए मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिए होगी। अधिसूचना में साफ शब्दों में कहा गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, शौचालय का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, पीने के पानी के स्नोत जैसे सवाल पूछे जाएँगे।

अयोध्या में राम मंदिर: 370 हटाने के अहम किरदार ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार ने दी जिम्मेदारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय में तीन अधिकारियों का डेस्क बनाया गया है जो अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संबंधित सभी मामलों को देखेगी। पिछले महीने ही अमित शाह ने कहा था कि अयोध्या में चार महीने के भीतर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा होगा।

ISRO 2020: चंद्रयान-3 को ग्रीन सिग्नल, आपके मोबाइल में जल्द होगा स्वदेशी ‘GPS’

नए साल पर इसरो चीफ के. सिवन ने लक्ष्य और योजनाओं का खाका पेश किया। साथ ही बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है। यह अभी अगले 7 साल तक काम करता रहेगा।

शिवसेना में बगावत: CAA, NRC के समर्थन में उद्धव ठाकरे के खिलाफ जाकर पार्टी के सांसद ने लिखा पत्र

"मैं CAA और NRC के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल नहीं हो सका, क्योंकि मैं मीटिंग में बिज़ी था। मैं इसके लिए दु:ख व्यक्त करता हूँ। शिवसेना हमेशा से हिन्दुत्ववादी विचारधारा वाली पार्टी रही है। मैं इन दोनों मुद्दों का पुरज़ोर समर्थन करता हूँ, इसलिए मैं इस बारे में पत्र लिख रहा हूँ।"

NPR का पहला डाटा किसका: जिसके लिए कॉन्ग्रेसी मंत्री ने कहा था- इंदिरा गाँधी की रसोई सँभालती थी

एनपीआर को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद से विपक्ष उसी तरह अफवाह फैलाने में जुट गया है जैसा उसने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर किया। जिस तरीके से CAA को NRC से जोड़ा गया, उसी तरह अब NPR को भी NRC से जोड़कर दिखाने की कोशिश हो रही है। जबकि हकीकत कुछ और ही है।

रेलवे में 150 सालों का सबसे बड़ा सुधार: ₹50 लाख करोड़ का निवेश, सेवाओं के एकीकरण को मंजूरी

सेवाओं के एकीकरण से यह ‘नौकरशाही’ खत्‍म हो जाएगी। इससे रेलवे के सुव्यवस्थित कामकाज को बढ़ावा मिलेगा, निर्णय लेने में तेजी आएगी, संगठन के लिए एक सुसंगत विजन सृजित होगा और तर्कसंगत निर्णय लेने को प्रोत्साहन मिलेगा। ये सुधार कई दशक से लंबित थे, जिन्हें मोदी सरकार ने पूरा किया है।

1 अप्रैल से NPR: घर-घर जाकर जुटाया जाएगा डाटा, मोदी सरकार ने ₹8500 करोड़ की दी मंजूरी

एनपीआर का मकसद देश में रहने वाले लोगों की पहचान का एक डाटाबेस तैयार करना है। एनपीआर के लिए 2010 में पहली बार डाटा जमा किया गया था, जब यूपीए-2 सरकार थी। असम को छोड़ कर पूरे देश में यह प्रक्रिया होगी।

2019 की इस मजहबी उन्मादी आग से 2024 में कितनी रोशन होगी भाजपा?

2024 बहुत दूर है। उस समय क्या होगा, यकीनी तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन, जितने जोर-शोर से CAA+NRC को मुस्लिम विरोधी बताया जाएगा, इस्लाम विरोधी भावनाएँ गहराती जाएँगी। वैसे भी इस उन्माद के सारे सूत्र भीड़ अपने हाथ ले ही चुका है।

याकूब समर्थक आयशा और जिहाद का ऐलान करने वाली लदीदा: पहले से तैयार है जामिया का स्क्रिप्ट?

मीडिया के कुछ बड़े नाम हैं, जो लदीदा और आयशा को वर्षों से तैयार कर रहे थे। एक 317 लोगों के कातिल याकूब की समर्थक है, दूसरी काफ़िरों के ख़िलाफ़ जिहाद की बात करती है। सूडानी आंदोलन की तर्ज पर इन्हें नायिकाओं की तरह पेश किया गया। जामिया के इस कमाल के स्क्रिप्ट का सूत्रधार कौन?

शरणार्थियों को जगह भी देंगे, असम के हित भी सुरक्षित रहेंगे: PM मोदी का आश्वासन

असम में इसका विरोध मज़हबी से ज़्यादा भाषाई आधार पर हो रहा है, और स्थानीय लोग बांग्लादेशी मुस्लिमों ही नहीं, हिन्दुओं को भी नागरिकता मिलने के खिलाफ हैं।

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