"मेरी दोनों पत्नियाँ इस्मत परवीन और जबना आपस में लड़ने के साथ-साथ मुझसे भी लड़ती थीं। इस कारण मैं काफ़ी परेशान रहने लगा था। इसी वजह से मैंने पहले अपनी पहली बीवी इस्मत का गला घोंटा और बाद में जबना को मार डाला।
शेख को निजी अंगों, आँखों और कानों में गंभीर चोटें आई हुईं थी। उसे मालदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एसएसकेएम अस्पताल में भेजा गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई।
अजीम का प्रेम-प्रसंग जुनैद की बहन से चल रहा था। लेकिन, जुनैद को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था, और इसलिए उसने अपनी बहन का रिश्ता कहीं और तय कर दिया। वहीं, अजीम को यह बात इतनी नागवार लगी कि उसने सगाई से पहले ही...
मोहम्मद साज़िद, आज़म अंसारी और रमज़ान अंसारी गांजा पी रहे थे। कहाँ - मंगरू पाहन के घर के बाहर। मंगरू ने विनम्रतापूर्वक इन तीनों से उसके घर के बाहर गांजा न पीने का अनुरोध किया। लेकिन, तीनों में से एक को मंगरू की बात इतनी नागवार गुज़री कि उसने ग़ुस्से में मंगरू के पेट में छुरा घोंप दिया और वहाँ से भाग गया।
NIA ने कहा था कि साज़िशकर्ताओं का मकसद केवल रामलिंगम की निर्मम हत्या तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साम्प्रदायिक तनाव पैदा करना भी था। NIA ने यहाँ तक कहा था कि रामलिंगम की हत्या एक आतंकी गतिविधि थी, क्योंकि उन्हें मुस्लिम उपदेशकों द्वारा धर्म-परिवर्तन का विरोध करने के लिए मारा गया था।
2016 में मैथ्यूज परिवार ने बिहार के एक अनाथालय से बच्ची को गोद लिया था। केरल के मैथ्यूज ने अमेरिका में अक्टूबर 2017 में शेरिन की हत्या की। मैथ्यूज ने ख़ुद को बचाने के लिए एक के बाद एक कई झूठे दावे पेश किए। कभी उसने कहा कि बच्ची दूध नहीं पी रही थी तो कभी कहा कि वो कहीं ग़ायब हो गई थी।
पाँच साल पहले दोनों का निकाह हुआ था। दोनों के बीच पढ़ाई के दौरान ही प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो गए थे। शादी के 1 साल बाद से ही इमरान ने दहेज़ को लेकर नेहा को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वह उसे मायके से 5 लाख रुपए माँगने को कहता था
पुलिस को शक है कि कहीं खुशबू ने ही तो अपने किसी परिचित को नहीं बुलाया था? पुलिस की थ्योरी के अनुसार, हो सकता है कि दोनों में विवाद हुआ हो और हत्यारे ने खुशबू की हत्या करने के बाद ख़ुद के बचने के लिए बुजुर्ग दम्पति की भी हत्या कर दी हो!
माओवादी नक्सलियों ने कादती के परिवार के अन्य सदस्यों को कोई हानि नहीं पहुँचाई। चौंकाने वाली बात यह है कि माओवादियों ने पुलिसकर्मी की हत्या की और फिर बिना किसी डर के वो जंगल में वापस चले गए। कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ राज्य में अराजकता का यह स्पष्ट उदाहरण है।