सीएए और एनआरसी को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। फरहान अख्तर ने अंग्रेजी में वही चीजें शेयर की है, जिसमें वही बातें हैं जिन्हे व्हाट्सप्प फॉरवर्ड के माध्यम से फैलाया जा रहा है। आपके सामने जब भी ऐसी बातें आएँ, आप तभी जवाब देने की स्थिति में होंगे जब आपको सच्चाई पता होगी।
NRC और CAA को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए इसका असर संबंधों पर पड़ने की खबरों को खारिज किया है। साथ ही भारत को हमेशा से सहिष्णु और धर्मनिरपेक्षता में यकीन करने वाला मुल्क बताया है।
अपने ट्वीट में अपर्णा यादव ने जामिया मिलिया, NRC बिल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और 16 दिसंबर के हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “जो भारत का है उसे रजिस्टर में अंकित होने में क्या समस्या है?”
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एनआरसी का भारत के साथ संबंधों पर विपरीत असर पड़ने की खबरों को किया खारिज। कहा, भारत के साथ संबंध काफी अच्छे हैं और एनआरसी से इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
राज्यसभा में अगर नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB, कैब) पास हो जाता है, तो बांग्लादेश से आए 5 लाख से ज्यादा बंगाली हिंदू, जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची में जगह नहीं मिल पाई थी, उन्हें नागरिकता मिल जाएगी।
तवलीन सिंह का दावा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक के माध्यम से मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। लेखों में वह जिस भाषा का उपयोग करती है, उससे यह जानना मुश्किल हो जाता है कि वह CAB की बात कर रही हैं या फिर NRC की। शायद उसके हिसाब से दोनों एक ही मुद्दा है......
ममता ने मालदा में महिला को जलाकर मारे जाने की घटना की पुष्टि की है। इस मामले का जब लोकसभा में स्मृति ईरानी ने जिक्र किया था तो टीएमसी के सांसद हंगामा करने लगे थे।