छत्तीसगढ़ NSUI की इस शिकायत के आधार पर रायपुर के सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही भाजपा नेता संबित पात्रा को रविवार (23 मई) को शाम 4 बजे पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस भेजा गया है।
एक तरफ कॉन्ग्रेस की छात्र ईकाई इस अभियान को शुरू करके आरएएस पर हमला बोल रही है और ये जता रही है कि एक रुपया व एक करोड़ दोनों बराबर हैं। वहीं पार्टी के दिग्गज नेताओं ने इस अभियान पर आपत्ति जताई है।
तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि दिव्यांशी शेओरान ने अपनी इन्स्टाग्राम स्टोरी पर उन तस्वीरों के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसमें आर्यमान ने आपत्तिजनक तस्वीरें साझा की थीं।
पिंजरा तोड़ के सह-संस्थापक "नताशा नरवाल" जिसे दिल्ली के हिंदू-विरोधी दंगों को उकसाने के लिए गिरफ्तार किया गया है, वो पहले कई वामपंथी झुकाव वाले ऑनलाइन पोर्टल्स की कॉलमनिस्ट भी रह चुकी है।
NSUI नेता अहर्निश मिश्रा बार-बार प्रोफ़ेसर पर यह बोलने का भी दबाव बना रहा था कि “बोल, मैं अतुल, मेरी माँ का भो#$@।” NSUI नेताओं ने माँ सरस्वती के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया और संस्कृत भाषा का मजाक बनाया। जान से मार डालने की धमकी दी।
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पांडेय ने पहले पुलिस कर्मी को धक्का मारकर गिरा दिया। फिर उसके साथियों ने पुलिस कर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में कार्यकर्ता, सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस कर्मियों को एक के बाद एक लात घूँसों से पीटते देखे गए।
जेएनयू हिंसा को अंजाम देने की वास्तविक बातचीत का दिखावा तो खुद करते हैं और दोष ABVP पर डालते हैं। निश्चित रूप से इस हिंसा से एबीवीपी को तो कोई फायदा नहीं है। किसको है ये आप सभी को पता है? कौन है जो देश में अराजकता, हिंसा और दंगे की स्थिति पैदा करना चाहता है? अब देखना यह होगा कि भारत में अराजकता पैदा करने के लिए कॉन्ग्रेस और वामपंथियों का यह इकोसिस्टम कितनी दूर तक जाएगा?