जिस BLO की रिपोर्टिंग के दम पर अजीत अंजुम उछल रहे उसे पटना के DM खारिज किया। बताया कि शांति देवी और चंद्रप्रकाश शाह दोनों मृत मतदाता हैं, जिस पर BLO अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं।
बीपीएससी आंदोलन के जरिए प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है, लेकिन बिहार की राजनीति का जातिगत और जमीनी स्वरूप उनके आड़े आ सकता है।