बिहार के कहलगाँव में राहुल गाँधी द्वारा एक चुनावी रैली का उल्लेख करते हुए, अंसारी ने कहा था कि पूर्व पार्टी प्रमुख लोगों को प्रभावित करने में विफल रहे क्योंकि वे समझ नहीं पाए कि उन्हें क्या बोलना था।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
“नरेन्द्र मोदी ने गरीबी मिटाने, शिक्षा व्यवस्था सुधारने, लड़कियों-महिलाओं सशक्त करने और जलवायु परिवर्तन का सामना करते हुए भारत की आर्थिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए महात्वाकांक्षी नज़रिया पेश किया।"
"राहुल गाँधी में एक ऐसे ‘घबराए हुए और अनगढ़ (Unformed)’ छात्र के गुण हैं जो अपने शिक्षक को प्रभावित करने की चाहत रखता है लेकिन उसमें योग्यता और जुनून की कमी है।"
PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।