भावुक कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर राहुल गाँधी इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं, तो वो फाँसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘हमने सुना है कि जब कोई जहाज डूब रहा होता है, तो वह कैप्टन होता है, जो उसे बचाने के लिए अंत तक उस पर रहता है। लेकिन कैप्टन (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस के जहाज से कूदने वाले पहले व्यक्ति हैं।''
कमलनाथ ने कहा, "कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सही कहा है। मैं नहीं जानता कि कॉन्ग्रेस की इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। हाँ, मैं हार का जिम्मेदार हूँ। मुझे दूसरे नेताओं के बारे में पता नहीं है।"
तरुण गोगोई ने बयान दिया है कि यदि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बने नहीं रहना चाहते हैं, तो उनका विकल्प बिना कोई देर किए ढूँढना चाहिए। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गाँधी ने बुधवार को 51 सांसदों की माँग भी ठुकरा दी थी। राहुल ने कहा कि वह अब पार्टी अध्यक्ष नहीं रहेंगे।
राहुल गाँधी ने बैलेट निर्वाचन की वापसी की माँग उठाने के साथ विधानसभा निर्वाचनों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता उनकी इस योजना से सहमत नहीं दिख रहे हैं।
अभिनेता और नेता परेश रावल ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। परेश रावल ने ट्वीट में लिखा है, "हाँ, ये नया इंडिया है राहुल जी, जहाँ कुत्ते भी आपसे ज्यादा होशियार हैं।"
राम माधव ने कहा, “ कई बार कक्षा में शिक्षक जो पढ़ा रहे होते हैं, उस पर फोकस करना कठिन होता है। परीक्षा के दौरान किताबों पर फोकस करना भी कठिन होता है। हमें नींद आने लगती है और हम सो जाते हैं। पर चिंता करने की कोई बात नहीं! स्कूली बच्चों की तरह संसद में भी कुछ बच्चे हैं। वो हमारे राष्ट्रपति के भाषण पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।