Friday, May 14, 2021

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अयोध्या मामला: ‘हिन्दू सूरज की पूजा करते हैं, पर इससे उस पर उनका हक़ तो नहीं हो जाता’

कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि जन्मस्थान के लिए अदालत में याचिका दाखिल नहीं हो सकती। जन्मस्थान कोई कानूनी व्यक्ति नहीं है। उन्होंने प्रार्थना को एक वैदिक अभ्यास बताते हुए कहा कि अगर कल को चीन मानसरोवर में जाने से रोक देता है, तो क्या कोई पूजा के अधिकार का दावा कर सकता है?

SC ने माँगा निर्मोही अखाड़ा से जमीन पर दावे का सबूत, जवाब मिला- 1982 में डकैत ले गए

सुनवाई के दौरान जजों ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि क्या आपके पास इस बात को कोई सबूत हैं जिससे आप साबित कर सके कि राम जन्मभूमि की जमीन पर आपका कब्जा है? इसके जवाब में निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि 1982 में एक डकैती हुई थी, जिसमें उनके कागजात खो गए। इसके बाद जजों ने निर्मोही अखाड़ा से अन्य सबूत पेश करने को कहा।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सुनवाई पूरी न होने तक रिटायर न हों जज

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह आवश्यक है कि CBI जज एसके यादव इस मामले की सुनवाई पूरी कर फ़ैसला सुनाएँ। कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि हम अनुच्छेद-142 के तहत आदेश जारी करेंगे कि उन्हें 30 सितंबर तक रिटायर न किया जाए।

‘राम की जन्मभूमि’ फ़िल्म को लेकर याकूब हबीबुद्दीन को लगी दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि फ़िल्म के कौन से हिस्से या कंटेट के ज़रिए याचिकाकर्ता और उनके परिवार की भावनाएँ आहत हो रही हैं या उनकी गरिमा को ठेंस पहुँचाने का काम हो रहा है या फिर राष्ट्र की सम्प्रभुता के लिए ख़तरा है।

राम मंदिर के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता पर नहीं है शंका, बोले RSS के भैय्या जी जोशी

RSS के सरकार्यवाह ने कहा “हम मानते हैं कि सत्ता में बैठे हुए लोगों में अभी राम मंदिर का विरोध नहीं है।"

रामजन्मभूमि मसले को मध्यस्थता के लिए भेजना आश्चर्यजनक: RSS

संघ की रिपोर्ट में कहा गया कि न्यायालय का हिन्दू धर्म के संवेदनशील विषयों को प्राथमिकता न देना समझ के बाहर है।

राम जन्म भूमि मामले में अब 5 मार्च को होगा फैसला

आज सुबह राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू हुई, जिसके बाद एक बार फिर से इस मामले को अगले मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया।

के के मुहम्मद को पद्मश्री: अयोध्या के गुनहगारों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा

विवादित ढाँचा गिराए जाने से पूर्व ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 14 स्तंभों को के के मुहम्मद की टीम ने प्रत्यक्ष देखा था। उसी प्रकार के स्तंभ और उसके नीचे के भाग में ईंट का चबूतरा विवादित ढाँचे की बगल में और पीछे के भाग में उत्खनन करने से प्राप्त हुआ था।

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