जाँच में विदेशी फंडिंग का एंगल भी सामने आया है। एटीएस के अनुसार 2 करोड़ रुपए यूनाइटेड किंगडम से आए जिनका उपयोग मुख्य आरोपित उमर गौतम और मुफ्ती कासिम के द्वारा किया गया।
याचिका में दावा किया गया है कि नूँह में वर्ष 2011 में 20 फीसदी हिंदू थे, लेकिन अब ये घटकर 10-11 फीसदी रह गए हैं। वहीं तब्लीगी जमात के संरक्षण में इस्लाम को मानने वालों की आबादी तेजी से बढ़ी है।
हरिश्चंद्र के भाई राम सिंह ने जानकारी दी है कि परिवार को अब उससे कोई मतलब नहीं है। राजस्व के रिकॉर्ड चेक किए गए तो उसमें हरिश्चंद्र उर्फ़ हसमत लिखा हुआ है।
“यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने भाईचारे को कायम रखने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़े कि लगातार बेटियाँ अगवा हो रही हैं, लगातार उनका जबरन निकाह हो रहा है, धर्म परिवर्तन हो रहा है।"
माँ लक्ष्मी गुप्ता ने फैसला किया है कि अब वह आईएफडी (इस्लामिक फेडरेशन आफ डेफ) की साजिश के खिलाफ लड़ेंगी और ऐसे वीडियो तैयार करेंगी, जिससे बच्चों को धर्मांतरण का शिकार होने से बचाया जा सके।