'The Wire' ने गलत रिपोर्ट छापकर बताया कि 'मुस्लिम फेरीवाले' को केवल इसलिए पीटा क्योंकि वो 'जय श्री राम' नहीं बोल रहा था। बांकुरा पुलिस ने फैक्ट चेक कर बताई झूठी रिपोर्ट।
राज्यसभा में उप-राष्ट्रपति नीति-निर्माण की प्रक्रिया को संचालित करते हैं, ऐसे में उन्हें संवैधानिक मसलों पर बोलने का हक़ कैसे नहीं? TOI और The Wire को समझना चाहिए कि कई पूर्व जजों ने न्यायपालिका में पारदर्शिता की बात की है।