कुछ दुखद घटनाओं का स्मरण करें तो कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में भाजपा कार्यकर्ता अपूर्बा चक्रवर्ती को तृणमूल के गुंडों ने बेरहमी से पीटा था।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने पद से त्यागपत्र दे सकते हैं। कर्नाटक में सत्ताधारी दल के 17 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। तृणमूल के 47 विधायक पार्टी छोड़ने का मूड बना रहे हैं।
घर के अंदर स्थानीय भाजपा नेता प्रदीप बनर्जी सहित कुछ लोग थे, जिन्होंने कहा कि वे पार्टी की बैठक शुरू करने वाले थे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बैठक में आरएसएस नेता और बंगाल के भाजपा के सह-प्रभारी अरविंद मेनन ने भी भाग लिया।
भारती घोष बंगाली फ़िल्म स्टार और TMC उम्मीदवार दीपक अधिकारी के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में हैं। इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने अंदेशा जताया था कि छठे चरण के चुनाव में हिंसक घटनाएँ हो सकती हैं।
पश्चिम बंगाल अपनी हिंसक गतिविधियों को लेकर शुरुआती दौर से ही चर्चा में रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लेकर तो वहाँ आए दिन विवादों की ख़बरें सामने आती रहती हैं। कभी चुनाव अधिकारी के ग़ायब होने की ख़बर आती है, तो कभी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बम बरसाने की ख़बर का ख़ुलासा होता है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि टीएमसी के गुंडों ने खुलेआम अपनी गुंडागर्दी दिखाई हो, इससे पहले इन्हीं हिंसाओं के बारे में सुनने के कारण पिछले चरण में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला कर लिया था।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उन मतदाताओं को परेशान किया, जिनकी ऊँगली से इत्र की महक नहीं आ रही थी। जिनकी ऊँगली से इत्र की महक आ रही थी, उन्हें यह समझकर छोड़ दिया गया कि उन्होंने तृणमूल को ही वोट दिया है।
जब मुनमुमन सेन से पिछले साल आसनसोल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के बारे में पूछा गया कि क्या उन्होंने दंगे के शिकार हुए पीड़ितों से मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा कि उस दौरान वो काफी व्यस्त थीं। उस समय काफी रैलियाँ और बैठकें थी, जिसकी वजह से वो उनसे नहीं मिल पाईं।