खुफिया विभाग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आतंकी हमले की आशंका जताई है। साथ ही बताया गया है कि इस हमले को किसी भी वीवीआईपी कार्यक्रम में पत्रकार के द्वारा (या पत्रकार के छद्म रूप में) भी अंजाम दिया जा सकता है। इसे लेकर...
आरिफ और उसके परिवार वाले बोलेरो की मॉंग कर रहे थे। मॉंग पूरी नहीं होने पर आरिफ ने पहले तीन तलाक दे सीमा को घर से निकलने को कहा। इसका विरोध करने पर परिजनों के साथ मिल उसे आग के हवाले कर दिया।
कानपुर डीआईजी ने कहा था धरने का चेहरा बने और उपद्रवियों को पनाह देने के आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। मोहम्मद अली पार्क और फूल पार्क में धरने को बाहर से लोग आकर समर्थन देने के साथ धरने पर बैठे लोगों को उकसा भी रहे हैं।
बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज कर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद ही स्थिति को कंट्रोल में किया जा सका।
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या में यूपी पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस को CCTV कैमरे से दो संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों को एक पुख्ता सुराग के रूप में पुलिस देख रही है। यूपी पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर सूचना देने वालों के लिए 50000 रुपए का इनाम...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में देश-विरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा था कि पुरुष घर में रहे रजाई ओढ़ कर सो रहे हैं और उन्होंने जानबूझ कर महिलाओं व बच्चों को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दिया है।
अपनी माँगों को लेकर एएमयू छात्रों द्वारा रोड जाम करने वाले 600 अज्ञात छात्रों के खिलाफ यूपी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके बाद से पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगालकर दोषियों की पहचान करने में जुट गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृत महिला पर दबाव बनाकर लाया गया था या फिर वह अपनी मर्जी से आई थीं। पुलिस पूछताछ के लिए बॉयफ्रेंड शेजी खान की मेडिकल फिटनेस का इंतजार कर रही है। पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इससे पहले 4 एफआईआर ठाकुरगंज पुलिस थाने में दर्ज किए गए थे। इन उपद्रवियों पर दंगा करने, प्रशासन की अवज्ञा करने, अवैध रूप से जुटान करने, स्थानीय लोगों के कामकाज में व्यवधान पैदा करने और ऑन-ड्यूटी अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
बेनिया बाग़ में उपद्रवियों ने गिरफ़्तार किए गए अराजक तत्वों को छुड़ाने के लिए पुलिस की नाक में दम कर दिया। पुलिस का प्रयास था कि स्थानीय लोगों को इस झड़प के कारण दिक्कत न पहुँचे। अंततः दर्जनों उपद्रवियों को पुलिस से छुड़ाने में अराजक तत्व कामयाब हुए।