'कान्हा मटकी फोड़' में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे। इसी दौरान एक भीड़ ने वहॉं पहुॅंच पथराव किया। पुलिस को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आँकड़े बताते हैं कि राजस्थान में गहलोत सरकार के आने के बाद अपराधों में बड़ा उछाल आया है। पुलिसिया आँकड़ों के मुताबिक इस साल बढ़कर जनवरी से अप्रैल के बीच 62,666 आपराधिक मामले दर्ज हुए। महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामलों में 40.56% उछाल आया।
इसी इलाके में भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन घायल हो गए थे। हाल के दिनों में राज्य में राजनीतिक हिंसा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थकों की हत्याएँ हुई है।
वीडियो में आधा दर्जन से अधिक लोग सेना के दोनों जवानों को लाठी डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार मामले को लेकर अब तक सात लोगों को अरेस्ट किया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अगर राज्य स्वयं ही गुंडों को पाले, उनसे पूरा का पूरा बूथ मैनेज करवाए, उनके नेता यह आदेश देते पाए जाएँ कि सुरक्षाबलों को घेर कर मारो, उनके गुंडे इतने बदनाम हों कि वहाँ आनेवाला अधिकारी ईवीएम ही उन्हें सौंप दे, तो फिर इसमें चुनाव सही तरीके से कैसे हो पाएगा?
ख़बर के अनुसार, 11 जून 2017 को मुस्तफ़ा का अपनी प्रेमिका से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। यह आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि मुस्तफ़ा ने अपनी प्रेमिका के गाल पर तीन तमाचे जड़ दिए और उसकी जांघ पर दो बार लात भी मारी।