पीठ ने कहा कि “राणा अय्यूब की पुस्तक कोई उपयोगिता नहीं है। यह पुस्तक अनुमानों, अटकलों और कल्पना पर आधारित है। जाहिर तौर पर इसका कोई महत्त्व नहीं है। अदालत ने कहा कि राणा अय्यूब ने अपनी पुस्तक में जो तर्क दिए हैं, वो उनके विचार हैं और किसी व्यक्ति के विचार या राय सबूतों के दायरे में नहीं आते।
उग्र मुस्लिमों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कम से कम 8 आँसू गैस के गोले दागने पड़े, क्योंकि समुदाय विशेष ने प्रदर्शन के दौरान पथराव और आगजनी करना शुरू कर दिया। जिससे 4 से 5 पुलिस कर्मी घायल हो गए और बस सहित कई वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया गया।
इस्तीफा देने के बाद अल्पेश ठाकोर ने कहा, “मैंने राहुल गाँधी पर भरोसा करके कॉन्ग्रेस पार्टी ज्वॉइन किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया। हमें बार-बार अपमानित किया गया, इसलिए मैंने कॉन्ग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है।”
हरेन पांड्या गुजरात में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में गृहमंत्री थे। उनकी अहमदाबाद में सुबह की सैर के दौरान लॉ गार्डन के समीप 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों से कहा है कि वे चुनाव खत्म होने तक सीएम विजय रुपानी, उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल या किसी अन्य मंत्री से न मिलें, भले ही जनता का ही कोई काम क्यों न हो। अगस्त 2017 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों को बंगलोर के एक रिसोर्ट में ठहराया था।
सईद के इस कॉल के बाद पुलिस ने उसका पता लगाया और उसके द्वारा दी गई जानकारी की प्रमाणिकता की जाँच की, लेकिन पूछताछ में सईद पुलिस के किसी भी प्रश्न का जवाब देने में असमर्थ दिखा
एनसीपी नेता ने बताया है कि शिकायत का समाधान करने की बजाय विधायक और उसके सहयोगियों ने उनके साथ बदतमीजी की और बीच सड़क पर गिराकर उन्हें खूब पीटा। उन्हें लात, घूसे, थप्पड़ मारे गए।
अल्पेश ठाकोर ने कहा, “कॉन्ग्रेस इस बात को समझने में विफल रही कि वास्तव में लोग क्या चाहते हैं। वह सिर्फ ये नारा लगाते रहे- ‘घोटाला हुआ, घोटाला हुआ’। कोई घोटाला नहीं था, उनके दिमाग में घोटाला था, उनके दिमाग में कैमिकल लोचा था।”
बुद्ध पूर्णिमा के दिन केदारनाथ में ध्यान। फिर भाजपा के अभिभावकों से आशीर्वाद। उसके बाद अपनी माँ के चरणों में झुके और परिवारजनों से मुलाक़ात की। फिर गृह राज्य की जनता को धन्यवाद देते हुए सरदार पटेल को याद किया। तत्पश्चात वापस काशी। संविधान को शीश नवाने वाले मोदी...
क्या सही में ज़िम्मेदार सरकारी अफ़सरों पर इन बच्चों की हत्या का मुकदमा चलेगा? क्या विभाग के मंत्री पर ग़ैर-इरादतन हत्या का केस चलेगा? या फिर सिस्टम के सबसे निचले कर्मचारी को महीने भर के लिए निलंबित कर पल्ला झाड़ लिया जाएगा?