अनुच्छेद-370 हटाने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार आज देश को संबोधित कर रहे हैं। PM मोदी इस संबोधन में जम्मू-कश्मीर को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में राष्ट्र को संदेश दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने इससे पहले 27 मार्च को देश को सम्बोधित किया था। तब उन्होंने बताया था कि अंतरिक्ष में सक्रिय सैटेलाइट को मार गिरा कर भारत यह क्षमता हासिल करने वाले देशों में शुमार हो गया है।
अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के अनुमोदन से खत्म होंगे। अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश करते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पत्र में नेशनल एनसीआरबी)की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि 1 जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के दौरान देश में 254 धर्म आधारित हेट क्राइम को अंजाम दिया गया। प्रधानमंत्री से इन अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया, इसके बारे में पूछा है।
"ट्रंप का बयान न केवल बचकाना और भ्रांतिमूलक है बल्कि शर्मनाक भी है। कोई भी जो साउथ एशिया की विदेश नीतियों से परिचित है, वो इस बात को जानता-समझता है कि भारत लगातार कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरी पार्टी की मध्यस्ता से इनकार करता रहा है।"
हम 'हिन्दू होमलैंड' इज़राइल की तर्ज पर बना सकते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकार समान होंगे, लेकिन प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान 'होमलैंड' दे सकता है।
मोदी जिस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चँदा मामा की सैर का श्रेय लेते हुए लहरिया लूटने की सोच रहे हैं, वो तकनीक भी नेहरू जी द्वारा स्थापित (फ़िलहाल गुप्त) राजीव गाँधी टेलीपोर्टेशन अनुसन्धान संस्थान की ही देन है। नेहरू ने ही माउंटबेटेन के साथ मिलकर आग का आविष्कार किया था। लेकिन गोदी मीडिया आपको...
प्रधानमंत्री ने सांसदों को राजनीति से इतर भी काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे लोग अपने संसदीय क्षेत्र में कुछ हटकर भी काम करें। जिसमें वे स्थानीय प्रशासन की मदद लें और साथ में सामाजिक कार्यों से भी जुड़ें।
10 जुलाई को सभी सचिवों को भेजे गए पत्र में कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा ने कहा है, "सचिवों के क्षेत्रीय समूह की सिफारिशों के आधार और मंत्रियों के समूह द्वारा इन पर विचार करने के बाद सरकार के 100 दिवसीय कार्यक्रम के रूप में 167 ट्रांसफॉर्मिंग आइडियाज को लागू करने का निर्णय लिया गया है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक आज लोगों के जीवन में नई आकांक्षाएँ और अपेक्षाएँ हैं और यह बजट देश को विश्वास दे रहा है कि इन्हें पूरा किया जा रहा है।