रॉबर्ट वाड्रा ने अपने इस पोस्ट में प्रियंका गाँधी वाड्रा को ‘P’ कहकर संबोधित किया है। इससे पहले भी जब प्रियंका गाँधी वाड्रा ने राजनीति में कदम रखा था, तब रॉबर्ट वाड्रा ने उन्हें ‘P’ कहकर ही शुभकामनाएँ दी थी।
कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के जयकारे लगाने से लेकर उन्हें 'बदलाव की आँधी' तक करार दिया लेकिन राहुल गाँधी को लेकर ऐसे कोई ख़ास नारे नहीं लगे। पोस्टरों में भी प्रियंका गाँधी को राहुल से ज्यादा तवज्जोह दी गई।
यह देखना दिलचस्प होगा कि सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े सूबे के लिए क्या राहुल या प्रियंका राफ़ेल पर 'बोफोर्स' से हमला करेंगे या कुतुब पर चढ़ 'आसमानी' बातें करेंगे?
कॉन्ग्रेस पोस्टर से सोनिया की तस्वीर का अचानक छोटा और फिर गुम हो जाना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। संकेत यह कि सोनिया का राजनीतिक कद पार्टी में और आम लोगों के बीच कम होता जा रहा है।
प्रियंका गाँधी की सीट का आवंटन इस ओर भी इशारा करता है कि कहीं न कहीं कॉन्ग्रेस को यह एहसास है कि वो वंशवादी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है, जिसे दुनिया की नज़र से धूमिल करना होगा।
पिछले कुछ दिनों से मुख्यधारा की मीडिया वाड्रा की पत्नी यानी प्रियंका वाड्रा पर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान है। मीडिया उनकी हर गतिविधि जिसमें अपने पति वाड्रा को ईडी कार्यालय तक ड्रॉप करने और फिर पिक करने संबंधी ख़बरों को तरजीह देना शामिल है।
एजेंसी को यह भी सूचना मिली है कि लंदन में कई प्रॉपर्टी रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित हैं। इनमें 2 घर और 6 फ्लैट शामिल हैं। ईडी चाहती है कि वाड्रा आएँ और अपनी प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी दें।