अमित शाह की मृत्यु देखने के लिए लेखा इतनी उतावली हैं कि वे लिखती हैं, “और बीमारी क्या है? कोविड, कैंसर या दोनों? अगर ये तड़ीपार है, तो उम्मीद है दोनों।”
महाभारत के संवाद-लेखन में राही मासूम रजा के साथ पंडित नरेंद्र शर्मा भी बराबर के भागीदार हैं। वामपंथियों ने जानबूझ कर 'गंगा जमुनी तहजीब' के लिए उन्हें किनारे कर दिया।