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मीडिया गिरोह

रुबिका लियाकत के मजहब पर प्रिंट का हमला: मुस्लिम वो है जो देश से पहले मजहब देखे?

द प्रिंट जैसे वामपंथी पोर्टल की दिक्कत यह है कि रुबिका लियाकत मुस्लिम होकर भी 'मजहबी वजूद' के उनके एजेंडे को आगे नहीं बढ़ा रहीं।

मलेशिया की फोटो से भारत में फैलाया जा रहा झूठ: पत्रकार रोहिणी सिंह के प्रोपेगेंडा का फटा ढोल

महिला पत्रकार ने मलेशिया की इस खबर का इस्तेमाल अपना प्रोपेगेंडा चलाने के लिए किया। तस्वीरों के साथ ट्वीट में ऐसा लिखा जिससे PM मोदी पर...

समुदाय विशेष के 35 लोग स्वेच्छा से बने हिंदू, TheQuint ने दर्द में लिखा – यह सब रोको, दलित मुस्लिमों को विशेषाधिकार दो

हरियाणा में समुदाय विशेष के कुछ लोगों का स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाना भी लिबरल मीडिया गिरोह को रास नहीं आया। लेख लिखकर उसमें अरब देशों का एंगल घुसाया...

रेल पटरी पर इंटरव्यू ले रहे NDTV पत्रकार को रोका तो रवीश ने कहा- पुलिस पत्रकारिता सिखा रही

औरंगाबाद में रल पटरी पर सोए 16 मजदूरों की मौत के बाद पटरी पर ही लोगों का इंटरव्यू ले रहे NDTV के पत्रकार को पुलिस ने रोका तो रवीश ने...

मौलाना साद के वीडियो से जमाती ने की थी छेड़छाड़: मरकज के पाप धोने के लिए मीडिया ने छेड़ा शिगूफा

मौलाना साद को बचाने की मुहिम शुरू हो गई है। मीडिया ने 'उच्चस्तरीय सूत्रों' के हवाले से दावा किया है कि उसके वीडियो से छेड़छाड़ हुआ था।

कैंसर और कोरोना से मर जाए: अमित शाह​ की मौत की कामना कर रहीं महिला पत्रकार विजयलक्ष्मी और लेखा

अमित शाह की मृत्यु देखने के लिए लेखा इतनी उतावली हैं कि वे लिखती हैं, “और बीमारी क्या है? कोविड, कैंसर या दोनों? अगर ये तड़ीपार है, तो उम्मीद है दोनों।”

आतंकी की प्रेमिका ने कहा: जब वो ट्रेनिंग से घर लौटता था, मैं उसकी नग्न पीठ पर ‘जिहाद’ लिखती थी…

उसका आतंकी मजनू जब बम फोड़ने की ट्रेनिंग लेकर लौटता था, तो वो उंगलियों से उसकी पीठ पर 'जिहाद' लिखती थी। उसे मोमोज़ पसन्द थे...

कलम के आतंकी बम-बन्दूक वालों को आतंकवादी क्यों नहीं लिखते?

आखिर 'जमात-ए-प्रोपेगेंडा' यानी, द वायर, क्विंट, NDTV, बीबीसी आदि आतंकवादियों के नाम के आगे 'आतंकी' क्यों नहीं लिखते हैं?

‘वायर’ के वेणु! मस्जिदों से जिहाद, जकात का पैसा काहे नहीं माँगते? मंदिरों के सोने पर क्यों है तेरी कुदृष्टि?

वक़्फ़ के पास हर बड़े शहर की प्राइम लोकेशन पर दसियों एकड़ जमीनें हैं, जकात का अथाह पैसा है। कोरोना काल में मंदिर से सोने के बजाय मस्जिद को...

हिज्बुल, लश्कर, जैश जैसे आतंकी संगठनों की रिपोर्टिंग प्रोपेगेंडा है: तथाकथित पत्रकार सबा नकवी

तीन पत्रकारों को पुलित्जर प्राइज मिला। पुलित्जर जम्मू कश्मीर को भारत का अंग नहीं मानता। सबा नकवी और राहुल गाँधी जैसे लोग उनके लिए...

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