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मीडिया गिरोह

अभिव्यक्ति की आजादी देश की चूलें हिलाने में नहीं, देशहित में अभिव्यक्त हों: आजादी के सिपाहियों की मंशा

कुछ लोगों को लगता है कि सत्ता के खिलाफ आवाज उठाना ही सबसे बड़ा वाक्शौर्य है, लेकिन वो भूल जाते हैं कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब सिर्फ...

कोरोना: प्लाज्मा थेरेपी को ICMR ने बताया खतरनाक, लिबरल गिरोह साबित कर रहा था तबलीगी जमात का मानवता पर उपकार

प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना वायरस के उपचार की बात पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यह थेरेपी अभी तक साबित नहीं हुई है। अभी सिर्फ.....

डिलीवरी बॉय बरकत उस्मान से सामान लौटाने की बात निकली झूठी, गजानन चतुर्वेदी ने वीडियो में बताई पूरी बात

डिलीवरी बॉय बरकत उस्मान ने आरोप लगाया कि गजानन ने उसके हाथ से सामान लेने से मना कर दिया। जिसके बाद गजानन को......

अर्नब पर हमला न होकर रवीश पर होता तो नेशनल-इंटरनेशनल मीडिया में चलते ये 4 हेडलाइन

...अगर ये हमला अर्नब पर न होकर रवीश पर होता तो क्या देश का चौथा स्तम्भ अब तक भरभराकर गिर नहीं गया होता? इंटरनेशनल मीडिया अब तक...

वे 22 हिन्दू चेहरे जिनकी लिंचिंग पर पूरा मीडिया शांत रहा- क्योंकि उनका नाम तबरेज, अखलाक नहीं था?

हिंदुओं की लिंचिंग से जुड़ी 21 ऐसी घटनाएँ, जिन्होंने शायद तबरेज या अखलाख से कम दर्द नहीं सहा। मगर उनके नाम पर सब मूक रहे.....

राणा अयूब जैसों को चाहिए प्रोपगेंडा चलाने के लिए माल पानी, वरना जो मोदी सरकार कहेगी वो उसके उलट मायने खुद गढ़ लेंगी

देश के खिलाफ़ राणा अयूब की नफरत का स्तर इतना बढ़ चुका है कि वे देश के पीएम को इस्लामिक देशों के दबाव में देखना चाहती हैं।

अर्नब गोस्वामी ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से दिया इस्तीफा, कहा- अब इस संस्था में फेक को फेक कहने का दम नहीं

अर्नब गोस्वामी ने कहा ने कहा कि वह काफी लंबे वक्त से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं लेकिन अब यह मात्र कुछ लोगों का समूह है जिनमें फेक खबरों को फेक कहने का दम नहीं है।

पालघर में मारे गए साधु तो हिन्दू थे ही नहीं: ‘The Wire’ ने शुरू किया लिंचिंग पर प्रपंच फैलाने का गन्दा खेल

जब कुम्भ के समय दलित को महामंडलेश्वर बनाया गया था, तब 'द वायर' जैसे प्रपंची पोर्टलों ने इसे चुनाव से पहले दलित वोटों को लुभाने वाला उपक्रम भी करार दिया था।

पालघर साधु लिंचिंग: हिंदुओं को ‘आतंकी’ कहने वाले अनुराग और लिबरल गैंग अब पढ़ा रहे इंसानियत का पाठ

इस बार मरने वालों में भगवा वेशधारी साधू हैं। हिंदुओं को 'आतंकी' कहने वाले पालघर साधु लिंचिंग पर चुप नहीं बल्कि इंसानियत जैसे शब्दों के साथ...

रेडियो मिर्ची RJ फहाद ने साधुओं की हत्या को दिया साम्प्रदायिक रंग, कहा- मुस्लिमों की लिंचिंग मुख्य कारण

आरजे फहाद ने आरोप लगाया कि पहले अगर मुस्लिमों की लिंचिंग पर निंदा होती, तो 16 अप्रैल की रात हो सकता है पालघर में साधुओं की भीड़ द्वारा लिंचिंग नहीं की जाती।

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