आपको यह जान कर हैरानी होगी कि लतीफ़ को रिहा करने की माँग वही आतंकी कर रहे थे, जिन्होंने 1999 में भारतीय विमान को हाईजैक किया था। इतने खूंखार आतंकी को यूं छोड़ दिया गया जैसे कि वह कोई चोरी-चकारी का मुजरिम हो।
इस से पहले कॉन्ग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अलक़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को 'लादेन जी' कह कर सम्बोधित कर चुके हैं। इसके अलावा दिग्विजय सिंह आतंकी हाफिज सईद को 'साहब' कह कर भी सम्बोधित कर चुके हैं।
यह बात चौंकाने वाली है कि भविष्य में देश का नेतृत्व करने की इच्छा रखने वाले राहुल गाँधी को ऐसी राष्ट्रीय आपात स्थितियों के दौरान आतंकी समूहों के साथ होने वाली जटिल वार्ताओं के बारे में पूरी और सही जानकारी अब तक नहीं है।
अब राहुल गाँधी ने कुछ ऐसा किया है, जिसे जानकार आपके सामने उनके दिखावे की पोल तो खुल ही जाएगी, साथ ही यह भी पता चलेगा कि वे भारतीयता, हिंदुत्व और हमारी पूजा पद्धति से कितने अनभिज्ञ हैं।
जब भी कर्ण युद्धक्षेत्र में कोई बहादुरी का कार्य करता- उसका सारथी शल्य कुछ बेतुकी बातें कर उसका मनोबल तोड़ने की कोशिश करता। राहुल गाँधी आज बिना सबूत रक्षा सौदों पर छींटाकशी कर शत्रु का काम आसान कर रहे हैं और देश का मनोबल तोड़ रहे हैं।
"राहुल गांधी आपके नेता ने इस राष्ट्र के पीएम की हत्या का आह्वान किया है तो क्या आप उन पर कार्रवाई करेंगे? यदि आप स्पष्ट रूप से कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने नेता के शब्दों का समर्थन करते हैं?
राहुल को आयुध फैक्ट्री और राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बीच का अंतर नहीं पता। राहुल को यह भी नहीं पता कि शिलान्यास और उद्घाटन में क्या फ़र्क़ होता है। कैग ने यूपीए कार्यकाल के दौरान ही सरकार के ढुलमुल रवैये पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया था।
याद रखिए, इस देश में जो भी हुआ वो कॉन्ग्रेस ने ही किया है। वरना आज भी सिर्फ पत्थर ही पत्थर होता। हम पत्थर खाते और पत्थर ही... समझने और कॉन्ग्रेस के आगे सिर झुकाने के बजाय अंड-बंड बोलना बंद कीजिए।
रेडियो पाकिस्तान ने अपना पक्ष दिखाने के लिए राहुल गाँधी व अन्य विपक्षी पार्टियों के बयान का प्रयोग किया। विपक्षी पार्टियों ने कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर कार्रवाई करने से पहले सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई।