विषय

सुप्रीम कोर्ट

रामलला ​ही रहे विराजमान… क्योंकि गुरु नानक देव भी कभी गए थे अयोध्या

बाबर के आक्रमण से वर्षों पहले भी अयोध्या एक तीर्थस्थल था और वहाँ पूजा-पाठ होते थे। यह कैसे साबित हुआ? यह साबित हुआ सिखों के पवित्र साहित्य 'जन्म साखी' से। मतलब जन्मभूमि से भारत के लोगों की भावनाएँ जुड़ी थीं, सिर्फ़ हिन्दुओं की नहीं।

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं ओवैसी, अयोध्या पर उनका बयान देशद्रोह जैसा: महंत नरेंद्र गिरी

"पूरा भारत, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिमों ने खुले दिल से निर्णय को स्वीकार किया। लेकिन ओवैसी एक अलग ही राग अलाप रहे हैं। वह फैसले को खैरात कह रहे हैं। इस तरह के बयानों से आप हिंदू और मुस्लिमों को एक-दूसरे से लड़वाते हैं।"

अयोध्या पर फैसले के बाद उत्तराखंड के CM को धमकी भरा कॉल, कहा- उड़ा दूॅंगा ‘हर की पौड़ी घाट’

आरोपित को उसी जगह से गिरफ़्तार किया गया था, जहाँ से उसने घाट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। उत्तराखंड पुलिस ने कहा है कि जाँच जारी है। धमकी भरे कॉल के बाद, इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

कुतुबमीनार, ज्ञानवापी, मथुरा या ढाई दिन का झोपड़ा: मस्जिद जो हिंदुओं के जख्म पर नमक जैसे हैं

यह दूसरा मजहब यदि सचमुच सहिष्णु है तो तत्काल कम से कम काशी और मथुरा के मंदिरों को खुद खाली करे और हिंदुओं के साथ वहाँ भव्य मंदिर बनवाए। बाकी, 30 हज़ार मंदिरों की तो बात भी नहीं हुई है….

अगर बाबरी मस्जिद अवैध थी तो लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा क्‍यों चल रहा: ओवैसी ने SC के फैसले पर उठाया सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बाबरी मस्जिद अवैध थी, तो इसे ढहाने को लेकर लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा क्यों चल रहा है और अगर यह वैध थी, तो आडवाणी को जमीन क्यों दी जा रही है?

अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष के पास बचा है यह रास्ता, 17 नवंबर को सुन्नी वक्फ बोर्ड करेगा फैसला

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का अध्ययन कर रहा है। खबर के मुताबिक, इस अध्ययन के बाद वह 17 नवंबर को रिव्यू पिटीशन डालने पर फैसला करेगा।

जस्टिस गांगुली ने अयोध्या फैसले पर उठाए सवाल: काटजू को कठघरे में खड़ा कर चुके CJI गोगोई करेंगे तलब?

जस्टिस गांगुली का कहना है कि अल्पसंख्यकों ने अरसे तक वहाँ मस्जिद देखी है, जिसे तोड़ डाला गया। साथ ही संविधान के अस्तित्व में आने से पहले वहॉं मस्जिद थी। इसलिए उन्हें इस फ़ैसले को समझने में मुश्किल आ रही है।

राम का जन्म कहाँ हुआ था?: भगवान विष्णु का जवाब बन गया सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का हिस्सा

श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?

5 जजों की पीठ में से 1045 पन्नों का फैसला किसने लिखा? कानून के जानकार भी आश्चर्य में

सामान्यत: जब एक पीठ द्वारा किसी विषय पर फैसला दिया जाता है, तो निर्णय को लिखने वाले न्यायाधीश का नाम इसमें दिया जाता है। लेकिन अयोध्या के फैसले को किसने लिखा है, इसका जिक्र नहीं किया गया है।

‘HINDU STHAN’ के नाम से किसने छापी फ्रंट पेज खबर, किसने सिर्फ ‘श्रीराम’ को दी जगह: अखबारों में आज

Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें