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सीमाँचल में क्यों बँटे मुस्लिम वोटर्स?

कॉन्ग्रेस का समर्थन करने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति कहते हैं, "राहुल गाँधी से खूब मोहब्बत करते हैं। हम मोदी को भी मानते हैं।" उधर, AIMIM समर्थक मुस्लिम कहते हैं, "कॉन्ग्रेस ने नौजवान को बेरोजगारी दिया है। मुस्लिमों को कॉन्ग्रेस ने अंधेरे में रखा है।"

बिहार चुनाव में मुस्लिम वोटर्स कॉन्ग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बीच लड़ रहे हैं। किशनगंज में मुस्लिम यह तो समझा नहीं सके कि कॉन्ग्रेस और AIMIM ने उनके लिए किया क्या है लेकिन इतना कहकर बात टाल रहे हैं कि उनका ‘दिमाग ठंडा’ रखा है।

कॉन्ग्रेस का समर्थन करने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति कहते हैं, “राहुल गाँधी से खूब मोहब्बत करते हैं। हम मोदी को भी मानते हैं। लेकिन कमाकर तो खुद ही खाना है। बिहार में कॉन्ग्रेस ही आएगी।”

उधर, AIMIM समर्थक कहते हैं, “कॉन्ग्रेस ने नौजवान को बेरोजगारी दिया है। मुस्लिमों को कॉन्ग्रेस ने अंधेरे में रखा है। इस मामले में BJP सही है। BJP ने हिंदू-मुस्लिम के बीच झगड़ा खत्म किया है। कॉन्ग्रेस हिंदू-मुस्लिम झगड़े को बनाकर रखता था। मुस्लिम के लिए कुछ नहीं किया। भाईचारा बनाकर छुरा घोपने का काम करता है।”

देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

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अनुराग
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