Homeदेश-समाजकैफे से लेकर सड़क तक चाकू घोंपता रहा साकिब, चीखती-चिल्लाती भागती रही बीवी: बंगाल...

कैफे से लेकर सड़क तक चाकू घोंपता रहा साकिब, चीखती-चिल्लाती भागती रही बीवी: बंगाल में लोगों के सामने ही 22 साल की महिला की हत्या

साकिब ने एक चाकू से अरीबा के सर पर हमला किया जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गई। इसके बाद अरीबा अपनी जान बचाने के लिए कैफे से बाहर भागी। साकिब ने तब भी उस पर हमला करना नहीं छोड़ा। साकिब ने उसे सड़क पर दौड़ा कर चाकुओं से लगातार हमला किया और अरीबा की हत्या कर दी।

कोलकाता में साकिब नाम के एक युवक ने अपनी 22 साल की पत्नी को सड़क पर दौड़ा कर मार दिया। उसे पहले एक कैफे के भीतर चाकू मारा गया और फिर जब वह बचने के लिए सड़क पर भागी तब उसे यहाँ दौड़ा कर चाकू मार दिया। हत्यारा पति पुराना अपराधी बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार (6 मई, 2024) शाम को कोलकाता के बेक बागान इलाके में स्थित एक कैफे में इर्तिका साकिब अपनी पत्नी अरीबा से मिलने आया था। थोड़ी देर बाद दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस चालू हो गई। थोड़ी देर बाद साकिब ने अरीबा पर हमला कर दिया।

साकिब ने एक चाकू से अरीबा के सर पर हमला किया जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गई। इसके बाद अरीबा अपनी जान बचाने के लिए कैफे से बाहर भागी। साकिब ने तब भी उस पर हमला करना नहीं छोड़ा। साकिब ने उसे सड़क पर दौड़ा कर चाकुओं से लगातार हमला किया और अरीबा की हत्या कर दी।

अरीबा को उसने लगातार मारना जारी रखा, इसके बाद आसपास के लोगों ने घायल अरीबा को बचाया। वह उसे अस्पताल लेकर गए जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। साकिब को घटनास्थल से पकड़ लिया गया। बताया गया कि आसपास खड़े लोगों ने साकिब को धुना भी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि साकिब और अरीबा की कुछ समय पहले शादी हुई थी लेकिन दोनों के बीच झगड़ा रहता था। साकिब पहले भी अरीबा को मारता पीटता था और इसको लेकर अरीबा ने घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज करवाया था। साकिब को इस मामले में गिरफ्तार करके भेज दिया गया था।

उसे बाद में जमानत मिल गई थी। बताया गया कि साकिब इस कैफे में अरीबा से बातचीत करने आया था, इसी के बाद वह हमला करने लगा और अरीबा को मार दिया। पुलिस ने साकिब को गिरफ्तार कर लिया है, अरीबा का पोस्टमार्टम करवाया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -