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आर्टिकल 370 हटने के बाद हिरासत में लिए गए 5 कश्मीरी नेता हुए रिहा, हालातों में सुधार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती अभी भी हिरासत में हैं। केंद्र ने उनकी रिहाई के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 निष्क्रिय हो जाने के बाद सुरक्षा लिहाज से गिरफ्तार किए गए 5 और नेताओं को आज लगभग 5 महीने बाद रिहा कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिहा किए गए नेताओं में पीडीपी के 2 पूर्व विधायक जहूर मीर और यासिर रेशी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2 पूर्व विधायक इश्फाक जब्बार, गुलाब नबी और 1 कॉन्ग्रेस विधायक बशीर मीर शामिल हैं।

बता दें इन पाँचों नेताओं को 370 हटाए जाने के बाद हिरासत में लिया गया था। इनसे पहले 25 नवंबर को पीडीपी के दिलावर मीर और डेमोक्रैटिक पार्टी नैशनलिस्ट के गुलाम हसन मीर को रिहा किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती अभी भी हिरासत में हैं। केंद्र ने उनकी रिहाई के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।

बता दें, जम्मू-कश्मीर में जैसे-जैसे स्थिति सामन्य हो रही है, प्रशासन भी ढिलाई बरतने लगा है। जिन नेताओं को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था कि वे मौक़े का फायदा उठाकर लोगों को भड़का सकते हैं, उन्हें अब राज्य में शांति देखकर छोड़ा जा रहा है।

इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने पर कानून व्यवस्था के लिए तैनात अर्द्धसैनिक बलों की 52 और कंपनियाँ रविवार को कश्मीर घाटी से वापस भेज दी गईं। जिससे पहले 24 दिसंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 5 अगस्त के बाद बने हालात की समीक्षा की गई थी। बैठक में तत्काल प्रभाव से केंद्रीय सशस्त्र बलों की 72 कंपनियों को घाटी से हटाने का फैसला किया गया था। इसमें सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ की 12, आईटीबीपी की 12, सीआईएसएफ की 12 और एसएसबी की 12 कंपनियां शामिल थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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