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19 साल के इस्लाम ने अमेजन से खरीदा बम बनाने का सामान, जैश आतंकियों को दिए: पुलवामा हमले में 2 और गिफ्तार

मोहम्मद अब्बास जैश का पुराना ओवर ग्राउंड वर्कर है। जब जैश आतंकवादी और आईईडी एक्सपर्ट उमर 2018 में कश्मीर पहुँचा, तब उसने ही उसे अपने घर में ठहराया था। आतंकी आदिल अहमद डार, समीर अहमद डार और कामरान को भी कई बार उसने अपने घर में शरण दी थी।

बीते साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) जवानों को निशाना बनाकर हमला किया गया था। जैसे-जैसे जॉंच आगे बढ़ती जा रही है हमले की साजिशों की परतें खुलती जा रही है। इस मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने दो और युवकों को गिरफ्तार किया है। साथ ही एक बड़ा खुलासा किया है। इसके मुताबिक बम बनाने के सामान ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेज़न (Amazon) से खरीदकर मॅंगवाए गए थे। अमेज़न ने इस खरीदारी की डिटेल्स भी साझा की है।

एनआईए ने श्रीनगर के उन्नीस साल के वजीर उल इस्लाम और पुलवामा के रहने वाले मोहम्मद अब्बास राठेर (32) को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में इस्लाम ने बताया कि उसने आईइडी (IED) विस्फोटक बनाने के लिए अमेजन से केमिकल, बैटरी और अन्य सामान मँगाए थे। ये सामान लेकर वह खुद जैश आतंकियों के पास गया था।

वहीं, मोहम्मद अब्बास राठेर जैश-ए-मोहम्मद का पुराना ओवर ग्राउंड वर्कर है। जब जैश आतंकवादी और आईईडी एक्सपर्ट उमर अप्रैल-मई, 2018 में कश्मीर पहुँचा, तब उसने ही उसे अपने घर में ठहराया था। इसके अलावा उसने इस मामले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों आदिल अहमद डार, समीर अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकवादी कामरान को भी कई बार उसने अपने घर में शरण दी थी।

वजीर उल इस्लाम और अब्बास की गिरफ्तारी के बाद पुलवामा आतंकी हमले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 5 हो गई है। ज्ञात हो कि पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पिता-पुत्र और आत्मघाती बम हमलावर के करीबी शामिल थे।

पिछले साल 14 फरवरी को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आत्मघाती बम हमलावर आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी कार सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले में घुसा दी थी। हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।

कुछ ही दिन पहले सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के मारवा इलाके से हिजबुल मुजाहिदीन के पाँच ओवर ग्राउंड वर्करों (OGW) को गिरफ्तार किया था। किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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