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अगर सच बोलने से कोई संघी हो जाता है तो सभी को संघी बनाना चाहिए: पूर्व डीजीपी, केरल

सेनकुमार ने कहा कि भारत में ऐसा कोई संगठन नहीं है जो सेवा भारती की तरह निःस्वार्थ भाव से काम करता हो।

केरल के पूर्व डीजीपी टीपी सेनकुमार ने शुक्रवार को कहा कि अगर सच बोलने और सच्चाई के लिए पूछने से कोई संघी हो जाता है तो सभी लोगों को संघी बनाना चाहिए। अन्य पार्टियों से भाजपा में आये लोगों के लिए रखे गए स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। बता दें कि सेनकुमार को 2016 में पिनाराई विजयन ने मुख्यमंत्री का कार्यभार सम्भालते ही डीजीपी के पद से हटा दिया था लेकिन शीर्ष अदालत के एक फैसले के बाद उन्हें फिर से डीजीपी बना दिया गया था।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वो लगभग सभी पार्टियों के कार्यक्रमों में उपस्थित रहे हैं लेकिन कुछ दिनों से उनके साथ अछूत जैसा बर्ताव किया जा रहा है जो कि उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं किया। उन्होंने कहा कि वो इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने इसीलिए आये हैं क्योंकि वो इस छुआछूत पर विराम लगाना चाहते हैं। सेवा भारती संगठन के कार्यक्रम में जाने को लेकर कई लोगों की आलोचना का सामना कर रहे सेनकुमार ने कहा कि भारत में ऐसा कोई संगठन नहीं है जो सेवा भारती की तरह निःस्वार्थ भाव से काम करता हो। साथ ही उन्होंने ये भी दोहराया कि वह इस संगठन के कार्यक्रमों में शामिल होते रहेंगे।

“नरेन्द्र मोदी को अगले दस सालों तक प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए।”

-टीपी सेनकुमार, पूर्व डीजीपी, केरल

साथ ही पूर्व पुलिस महानिरीक्षक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी जम कर तारीफ़ करते हुए कहा कि मोदी को कम से कम अगले दस सालों तक प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा;

“मोदी दस साल तक प्रधानमंत्री रहे तभी देश में ऐसी स्थिति बन पायेगी जहां गरीब आदमी भी रह सके। केंद्र में वर्तमान सरकार ही बनी रहनी चाहिए। ये हमारे प्रधानमंत्री की ही दें है कि आज कोई भी भारतीय गर्व के साथ विदेश में यात्रा कर सकता है। लोगों को देश में पिछले साढ़े चार सालों में हुए विकास के बारे में सोंचना चाहिए।”

उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का उनका अभी कोई प्लान नहीं है क्योंकि वह एक पार्टी कार्यकर्ता के नियमों और अनुशासन का पालन करने के लिए अभी तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो सिर्फ एसएनडीपी योगम और लोकल आवासीय संघ के सदस्य हैं और इसके अलावा उनके पास किसी भी दल या संगठन की सदस्यता नहीं है।बता दें कि सेनकुमार 2017 में पुलिस महानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत हो चुके हैं। उसके बाद उनके एक बयान को लेकर पुलिस ने केस भी दर्ज किया था लेकिन उच्च न्यायलय ने उन्हें इन आरोपों से बरी कर दिया था। 2009 में उन्हें पुलिस में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति मैडल के लिए भी नवाजा जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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