Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाफख्र है: पाक की F-16 मार गिराने वाली अभिनंदन की यूनिट अब कहलाएगी 'फाल्कन...

फख्र है: पाक की F-16 मार गिराने वाली अभिनंदन की यूनिट अब कहलाएगी ‘फाल्कन स्लेयर्स’

पाकिस्तानी पायलटों ने एफ-16 से एमराम मिसाइल से वार किया था। लेकिन मिग बायसन और सुखोई विमानों ने एमराम मिसाइल को 'डॉज' यानी चकमा दे दिया था। इसलिए अभिनंदन की यूनिट के पायलटों के बैज पर फाल्कन स्लेयर्स के साथ-साथ 'एमराम डॉजर्स' भी लिखा है।

भारतीय वायुसेना की श्रीनगर स्थित 51वीं स्क्वॉड्रन की यूनिट, जिसमें पाकिस्तानी विमान एफ-16 को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन भी हैं उसे अब फाल्कन स्लेयर्स (Falcon Slayers – फाल्कन का वध करने वाली स्क्वॉड्रन) के नाम से जाना जाएगा। अभी तक इस यूनिट को सोर्ड आर्म्स (Sword Arms) के नाम से जाना जाता था। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद इसी यूनिट के जाँबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने भारतीय विमान मिग-16 बायसन जेट से पाकिस्तानी विमान एफ-16 को मार गिराया था।

एफ-16 मतलब फाल्कन

इस लड़ाई में अभिनंदन पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए थे। वायुसेना ने यह नाम एफ-16 के नाम पर रखा है। एफ-16 को फाल्कन के नाम से भी जाना जाता है। विगत 27 फरवरी को पाकिस्तानी वायुसेना के हमले को नाकाम करने के वक्त विंग कमांडर अभिनंदन इसी 51वीं स्क्वॉड्रन में तैनात थे और अभिनंदन ने इसे मार गिराया था। इसलिए इसे फाल्कन स्लेयर्स यानि फाल्कन का वध करने वाली स्क्वॉड्रन नाम दिया गया है। गौरतलब है कि वायुसेना ने इन खास बैज को बड़ी मात्रा में बनाने का ऑर्डर दे दिया है। इस बिल्ले पर ‘एमराम डॉजर्स’ (AMRAAM Dodgers) भी लिखा है। पाकिस्तान के एफ-16 विमान एमराम मिसाइल से लैस होते हैं।

‘एमराम डॉजर्स’

27 फरवरी को जब पाकिस्तान के एफ-16 विमानों की भारत के बायसन और सुखोई फाइटर जेट्स से डॉग-फाइट हुई थी तो पाकिस्तान ने (एफ-16 द्वारा) एमराम मिसाइल से वार किया था। लेकिन, बायसन और सुखोई विमानों ने एमराम मिसाइल को ‘डॉज’ यानी चकमा दे दिया था, जिससे अमेरिका में बनी एडवांस मिसाइल, एमराम का वार खाली चला गया था। यही वजह है कि 51वीं स्क्वॉड्रन के पायलटों के लिए जो नया बैज आया है‌, उस पर फाल्कन स्लेयर्स के साथ-साथ ‘एमराम डॉजर्स’ भी लिखा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी, केजरीवाल-मान-सिसोदिया के साथ तस्वीरें: कौन है AAP नेता अशोक ओझा, जो अपनी ही पार्टी के नेताओं को IB के नाम...

अशोक ओझा केवल शहर स्तर का पदाधिकारी नहीं था, बल्कि पार्टी के बड़े नेताओं के साथ सीधा संपर्क रखने वाला और संगठन में पहचान रखने वाला चेहरा था।

जनगणना में मातृभाषा का एक जवाब तय करता है देश का बजट, शिक्षा नीति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व: जानिए उर्दू-अरबी से लेकर 19000 भाषाई पहचान...

लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
- विज्ञापन -