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‘तुमको और पूरे परिवार को मार डालेंगे’ – मुस्लिम लीग के MLA को 24 घंटे का समय, लिखा था तालिबान विरोधी पोस्ट

"...24 घंटों में अपना सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाया तो तुम्हारी और तुम्हारे पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। तुम्हारा फेसबुक पोस्ट ‘मुस्लिम विरोधी’ विचारों पर आधारित है... तुम पर भी प्रोफेसर टीजे जैसा ही हमला किया जाएगा।"

केरल के पूर्व मंत्री और मुस्लिम लीग के वरिष्ठ विधायक एमके मुनीर को तालिबान की तरफ से जान से मारने की धमकी दी गई है। एम के मुनीर ने दावा किया है कि तालिबान के नाम पर एक चिट्ठी भेज कर उन्हें धमकी दी गई है कि वो उन्हें और उनके पूरे परिवार को मार डालेगा। 

उनका दावा है कि उन्हें यह धमकी तालिबान की ओर से अफगानिस्तान के लोगों के साथ बर्बर सलूक करने के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखने की वजह से मिली है। दरअसल हाल ही में विधायक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था। इस पोस्ट में एमके मुनीर ने इस बात का जिक्र किया था कि तालिबान ने अफगानिस्तान के लोगों पर क्रूरतापूर्वक कार्रवाई की है।

एमके मुनीर का कहना है कि बुधवार (अगस्त 25, 2021) की सुबह उन्हें यह खत मिला। इस खत में कहा गया था कि अगर उन्होंने 24 घंटे में अपना सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाया तो उनकी और उनके पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। यह खत ‘Taliban Oru Vismayam’ (तालिबान, एक विस्मय) शीर्षक से लिखी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि मुनीर का यह फेसबुक पोस्ट उनके ‘मुस्लिम विरोधी’ विचारों पर आधारित है। यह खत सरकारी मेडिकल कॉलेज इलाके से पोस्ट की गई थी।

इसमें प्रोफेसर टीजे जोसेफ का भी जिक्र किया गया है और कहा गया कि उन पर भी प्रोफेसर जैसा ही हमला किया जाएगा। बता दें कि जोसेफ पर ईशनिंदा का आरोप लगा था और साल 2010 में उनके हाथ काट दिए गए थे।

4 जुलाई 2010 को ईशनिंदा के आरोप में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने उनका दाहिना हाथ काट दिया था। कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन के 7 युवकों ने ​उन पर तब हमला किया था, जब वे अपने परिवार के साथ चर्च से प्रार्थना कर लौट रहे थे। कट्टरपंथियों का आरोप था कि जोसेफ ने परीक्षा के लिए जो प्रश्न तैयार किए थे, उसमें ईशनिंदा वाले सवाल पूछे गए थे।

एम के मुनीर ने कहा है कि इस मामले में वो थाने में शिकायत दर्ज कराएँगे और जाँच की माँग करेंगे। आपको बता दें कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता ने कई एंटी-तालिबान पोस्ट किए थे जिसके बाद सोशल मीडिया के जरिए पर उन पर हमले जारी हैं। 

तमाल भट्टाचार्य के खिलाफ याचिका दायर

वहीं ‘अच्छा खाना’ और ‘क्रिकेट खेलने’ के लिए तालिबान की तारीफो के पुल बाँध चुके कोलकाता के तमाल भट्टाचार्य के खिलाफ याचिका दायर की गई है। गृह मंत्रालय के शिकायत प्रकोष्ठ को याचिका मिली है। कोलकाता के एक व्यक्ति ने यह याचिका गृह मंत्रालय को सौंपी है।

तमाल ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को ‘भरोसेमंद’ भी बताया था। बता दें कि तमाल उन 10 बंगालियों में से एक हैं, जिन्हें 21 अगस्त की रात भारत सरकार अफगानिस्तान के हामिद करजई इंटरनेशल एयरपोर्ट से सुरक्षित बचाकर लाई थी। टीवी9 को दिए इंटरव्यू में तमाल ने तालिबान की भरोसेमंद होने के लिए की सराहना की थी।

गौरतलब है कि उत्तरी दमदम इलाके के निमटा में रहने वाले 34 वर्षीय तमाल अफगानिस्तान में तब से फँसे हुए थे, जब से तालिबान ने काबुल पर कब्जा जमा लिया था। मैकेनिकल इंजीनियर तमाल काबुल के कर्दन इंटरनेशनल स्कूल में फिजिक्स और केमिस्ट्री पढ़ाते थे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग के वक्त से तमाल अपने स्कूल के स्टाफ क्वार्टर में रह रहे थे। हालाँकि, तालिबान के काबुल शहर पर कब्जा करने के बाद उन्हें खुद को प्रिंसिपल के आवास के अंदर बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बाद में तमाल को 10 अन्य बंगाल निवासियों के साथ भारतीय वायु सेना (IAF) के कर्मियों ने वहाँ से बाहर निकाला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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