Homeविविध विषयअन्यलता मंगेशकर के सम्मान में काली पट्टी बाँध खेलेंगे भारत-वेस्ट इंडीज के खिलाड़ी, आधा...

लता मंगेशकर के सम्मान में काली पट्टी बाँध खेलेंगे भारत-वेस्ट इंडीज के खिलाड़ी, आधा झुका रहेगा तिरंगा

"जब हम एक गेम हार जाते थे तो वह मुझे फोन करती थीं और पूछती थीं कि राजीव जी, हमने यह गेम कैसे खो दिया? हमें इसे आराम से जीतना चाहिए था। इतने रन बन सकते थे। उनके दिल में क्रिकेट का एक विशेष स्थान था।"

स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के देहांत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उन्हें सम्मान देने जा रहा है। इसके तहत रविवार (6 फरवरी 2022) को गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मैच के दौरान सभी खिलाड़ी अपनी बाँह पर काली पट्टी बाँध लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देंगे। इसकी जानकारी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने दी।

उन्होंने कहा, “लता मंगेशकर के सम्मान में आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मैच में हमारे खिलाड़ी काली पट्टी बाँधेंगे। राष्ट्रीय ध्वज भी आधा झुका रहेगा।” उन्होंने कहा कि इसके लिए खिलाड़ियों को निर्देशित कर दिया गया है।

राजीव शुक्ला ने कहा, “जब हम एक गेम हार जाते थे तो वह मुझे फोन करती थीं और पूछती थीं कि राजीव जी, हमने यह गेम कैसे खो दिया? हमें इसे आराम से जीतना चाहिए था। इतने रन बन सकते थे। उनके दिल में क्रिकेट का एक विशेष स्थान था।” बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव ने कहा है कि भारतीय खिलाड़ी वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपने मैच के दौरान काली पट्टी बाँधेंगे।

गौरतलब है कि लता दीदी के नाम से मशहूर स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार (6 फरवरी 2022) को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में निधन हो गया। ‘भारत रत्‍न’ से सम्‍मानित दिग्गज गायिका लता मंगेशकर को 8 जनवरी 2022 को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें न्यूमोनिया हो गया था, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी हालत में सुधार के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट भी हट गया था, लेकिन 5 फरवरी को उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें फिर से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। आखिरकार, 6 फरवरी को ‘स्वर कोकिला’ ने अंतिम साँस ली।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नरेंद्र मोदी स्टेडियम से SVP स्पोर्ट्स एन्क्लेव तक: समझें भारत का स्पोर्ट्स कैपिटल बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है अहमदाबाद

आज जब अहमदाबाद स्पोर्ट्स कैपिटल की बात होती है, तो यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आकार लेती एक वास्तविकता जैसा लगता है।

आयातित नहीं अनादि है भारत की सभ्यता, विदेशी प्रोपेगेंडा फैलाना बंद करो: मोहनजोदड़ो की पशुपति मुहर पर ‘एलामाइट प्रभाव’ बताने वाली ऑड्रे ट्रुश्के की...

पशुपति मुहर को लेकर फिर शुरू हुई इतिहास की बहस। संस्कृति मंत्रालय, ऑड्रे ट्रुश्के और भारतीय विद्वानों के तर्कों के बीच समझिए पूरा विवाद।
- विज्ञापन -