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लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन, PM मोदी ने याद किया उनका योगदान

बॉलीवुड में रहते हुए भी लता मंगेशकर ने वीर सावरकर के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को कभी नहीं छुपाया। हर साल सावरकर की जयंती और पुण्यतिथि पर लता मंंगेशकर सार्वजनिक तौर पर श्रद्धांजलि देने और अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान को दोहराने से कभी नहीं कतराती थीं।

सुर-साम्राज्ञी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का 92 साल की उम्र में रविवार (6 फरवरी 2022) को निधन हो गया। अपनी सुरीली आवाज से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाली गायिका ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में अंतिम साँस ली।

‘भारत रत्‍न’ से सम्‍मानित दिग्गज गायिका लता मंगेशकर को 8 जनवरी 2022 को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें न्यूमोनिया हो गया था, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी हालत में सुधार के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट भी हट गया था, लेकिन 5 फरवरी को उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें फिर से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। आखिरकार, 6 फरवरी को ‘स्वर कोकिला’ ने अंतिम साँस ली।

बता दें कि लता मंगेशकर ने बॉलीवुड में करीब सात दशक तक अपनी मधुर आवाज से लोगों के दिलों पर राज किया है। वह दुनियाभर में ‘भारत की नाइटिंगेल’ के नाम से मशहूर हैं।

लता मंगेशकर और उनका परिवार उन लोगों में से हैं, जिन्होंने कभी भी कॉन्ग्रेस और उसके वफादारों के बनाए गए सिस्टम के प्रोपेगेंडा पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने पाया कि वीर सावरकर भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित देशभक्त और प्रतिभाशाली व्यक्ति थे, जो कविता और लेखन का कार्य भी करते थे।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर और उनका परिवार वीर सावरकर के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को लेकर हमेशा गौरवान्वित रहा है। हर साल सावरकर की जयंती और पुण्यतिथि पर (28 मई और 26 फरवरी) लता मंंगेशकर हिंदुत्व के इस विचारक को सार्वजनिक तौर पर श्रद्धांजलि देने और अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अमूल्य योगदान को दोहराने से कभी नहीं कतराती थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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