Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा'मेरी बॉडी में चिप, मुझे रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा': NSA अजीत डोवाल...

‘मेरी बॉडी में चिप, मुझे रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा’: NSA अजीत डोवाल के घर में कार लेकर घुसने वाला कौन?

डोवाल शुरू से ही आतंकियों के निशाने पर रहे हैं। पिछले साल फरवरी में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी के पास से डोवाल के दफ्तर के रेकी का वीडियो मिला था। इस वीडियो को आतंकी ने अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजा था। इसके बाद उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी।

देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल (National Security Advisor Ajit Doval) की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करते हुए एक अज्ञात व्यक्ति कार सहित दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में कार घुसाने की कोशिश की। हालाँकि, सुरक्षाबलों ने उसे रोकते हुए हिरासत में ले लिया है। वहीं, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल टीम शख्स से पूछताछ कर रही है।

घटना बुधवार (16 फरवरी) की सुबह की है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि वह दिमागी रूप से अस्थिर है और वह किराए की गाड़ी चला रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पकड़ा गया शख्स उस दौरान बहकी-बहकी बातें कर रहा था। वह कह रहा था कि उसे अजीत डोवाल से मिलना है और वही उसकी समस्या सुलझा सकते हैं। वह कह रहा था कि उसकी बॉडी में चिप लगा दिया गया है और उसे रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित किया जा रहा है।

हालाँकि, जाँच के दौरान उसके शरीर में कोई चिप या उपकरण नहीं मिला। यह शख्स कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला बताया जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के अलावा एंटी टेरर यूनिट भी शख्स से पूछताछ कर रही है। इस बात की जाँच कर रही है कि वह गलती से NSA के घर में घुसा था या इसके पीछे सोची-समझी साजिश है।

अजित डोवाल दिल्ली के हाई सिक्यॉरिटी वाले इलाके में रहते हैं। उनका सरकारी आवास 5 जनपथ बंगले में है। डोवाल से पहले इस बंगले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल रहते थे। उनके बंगले के पास ही कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी बंगला है।

बता दें कि अजीत डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैसे अहम पद हैं और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्त अधिकारियों में से एक हैं। डोवाल शुरू से ही आतंकियों के निशाने पर रहे हैं। पिछले साल फरवरी में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी के पास से डोवाल के दफ्तर के रेकी का वीडियो मिला था। इस वीडियो को आतंकी ने अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजा था। इसके बाद उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -