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अडानी मामले की खुद जाँच कराएगी सुप्रीम कोर्ट: सीलबंद लिफाफे में नाम का केंद्र का प्रस्ताव ठुकराया, कहा- पारदर्शिता का है मामला

अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिपोर्ट की अदानी ग्रुप के खिलाफ कई आरोप लगाए जाने के बाद ग्रुप के शेयरों में काफी गिरावट आई है। अडानी ग्रुप ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को उद्योगपति गौतम अदानी (Gautam Adani) और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Research) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में विशेषज्ञों की कमेटी खुद बनाएगी, ताकि पारदर्शिता रहे।

अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा सीलबंद लिफाफे में सुझाए गए नामों की सूची को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने समिति की नियुक्ति से संबंधित मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने सरकार के सुझाव पर टिप्पणी की।

पीठ ने कहा कि वह मामले में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है। इसलिए सीलबंद कवर में दिए गए सुझाव को स्वीकार नहीं किया सकता। कोर्ट का कहना है कि यदि इन सुझावों को स्वीकार किया गया तो लोग यह समझेंगे कि समिति कोर्ट द्वारा नहीं, बल्कि सरकार द्वारा गठित की गई है। इसलिए समिति कोर्ट द्वारा गठित की जाएगी।

इसके पहले कोर्ट में सेबी (SEBI) की तरफ से कहा गया था, “हम चाहते हैं कि मामले में सच बाहर आए और बाजार पर इसका असर भी न हो।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की निगरानी किसी वर्तमान जज को नहीं दिया सकता। सकते। इस मामले में वकील मनोहरलाल शर्मा, विशाल तिवारी, कॉन्ग्रेस नेता जया ठाकुर और अनामिका जायसवाल ने अलग-अलग चार जनहित याचिकाएँ दायर की हैं।

मनोहरलाल शर्मा ने अपनी याचिका में हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नाथन एंडरसन और भारत में उनके सहयोगियों के खिलाफ जाँच और प्राथमिकी दर्ज कराने की माँग की है। एडवोकेट विशाल तिवारी ने शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जाँच की माँग की है। वहीं, जया ठाकुर ने अडानी समूह की कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, एलआईसी व एसबीआई के निवेश की जाँच कराने की माँग की है।

गौरतलब है कि अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिपोर्ट की अदानी ग्रुप के खिलाफ कई आरोप लगाए जाने के बाद ग्रुप के शेयरों में काफी गिरावट आई है। अडानी ग्रुप ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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